Imran Khan को हटाने के लिए पाकिस्तान की संसद में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, 31 मार्च को होगी बहस

विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, विपक्ष का आरोप है कि इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार है

अपडेटेड Mar 28, 2022 पर 7:43 PM
अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद ही नेशनल एसेंबली की कार्यवाही 31 मार्च तक के लिए स्थगित हो गई

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को हटाने के लिए सोमवार को पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर गुरुवार 31 मार्च को बहस शुरू होगी।

अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद ही नेशनल एसेंबली की कार्यवाही 30 मार्च तक के लिए स्थगित हो गई। पाकिस्तान के स्पीकर कासिम सूरी (Qasim Suri) के हवाले से बताया गया कि 31 मार्च की शाम 4 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी और मतदान कराया जाएगा।

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इसके बाद यह तय हो जाएगा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी बचती है या जाती है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान के विपक्ष का दावा है कि उसके पास 200 सांसदों का समर्थन हासिल है।

विपक्ष का आरोप

पाकिस्तानी संसद (नेशनल असेंबली) के सचिवालय के समक्ष विपक्षी दलों ने गत आठ मार्च को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी की सरकार देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद से देश की राजनीति में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे है।

गृह मंत्री ने अविश्वास प्रस्ताव को बताया साजिश

देश के गृह मंत्री शेख राशिद ने पत्रकारों से कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर 31 मार्च को फैसला किया जाएगा और प्रधानमंत्री इमरान खान कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खासकर एक दिन पहले इस्लामाबाद में हुई इमरान खान की शानदार रैली के बाद, लोगों को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनकी राजनीति अब हाशिये पर है। उन्होंने इस अविश्वास प्रस्ताव को पाकिस्तान को कमजोर करने की साजिश करार दिया।

राशिद ने वही बात दोहराई जो रविवार को इमरान खान ने इस्लामाबाद में एक रैली में कही थी। राशिद ने कहा कि उनकी सरकार को अपदस्थ करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश रची जा रही है, लेकिन उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें उस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जिसका जिक्र खान ने अपने भाषण में किया था। खान ने रविवार को एक विशाल रैली को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी गठबंधन सरकार गिराने की साजिश में विदेशी ताकतों का हाथ है।

इमरान खान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की रैली को इस्लामाबाद के परेड ग्राउंड में संबोधित करते हुए कहा था कि देश की विदेश नीति तय करने के लिए विदेशी तत्व स्थानीय नेताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके दावों की पुष्टि करने वाला एक पत्र सबूत के तौर पर उनके पास है।

इमरान की जा सकती है कुर्सी

इमरान खान सरकार के खिलाफ आठ मार्च को लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण पाकिस्तान का राजनीतिक पारा चढ़ता दिख रहा है, जिसका अगले हफ्ते के अंत तक परिणाम दिख सकता है। इमरान सरकार को गिराने के लिए 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में विपक्ष को 172 मत की जरूरत होगी।

69 वर्षीय खान साल 2018 में नया पाकिस्तान बनाने के वादे के साथ सत्ता में आये थे, लेकिन वह मूलभूत समस्याओं से निपटने में नाकाम रहे जिससे विपक्ष को हमला करने का मौका मिल गया। नेशनल असेंबली में पीटीआई के 155 सदस्य हैं और उन्हें भी सरकार बचाने के लिए 172 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी।

पाक में मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

इस बीच, इमरान खान को उस समय एक और झटका लगा जब विपक्ष ने उनके करीबी और पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। पाकिस्तान में विपक्षी दल ने सोमवार को प्रधानमंत्री इमरान के करीबी और पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार (Usman Buzdar) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ कुछ ही हफ्ते पहले पेश किये गये अविश्वास प्रस्ताव के बाद विपक्ष ने यह कदम उठाया।

बुजदार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव बहुत जल्दबाजी में लाया गया ताकि प्रधानमंत्री के हटाये जाने पर पंजाब विधानसभा को भंग करने की पीटीआई सरकार की संभावित योजना को पहले ही विफल कर दिया जाए। विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 52 वर्षीय बुजदार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव सौंपा जिसमें 127 विधायकों के हस्ताक्षर हैं।

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