Rajya Sabha Elections: कांग्रेस ने रविवार को राज्यसभा के लिए 10 जून को होने वाले चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, जयराम रमेश और अजय माकन के साथ ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी शामिल हैं। इस बीच, कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट में अपना नाम नहीं होने से कुछ नेताओं ने निराशा जताई है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने एक ट्वीट कर कहा, ‘शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई’। यह बयान साफ तौर पर उनकी नाराजगी को दर्शाता है। वहीं, इसी ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कांग्रेस महिला मोर्चा की महासचिव नगमा ने भी लिखा, ‘हमारी भी 18 साल की तपस्या कम पड़ गई इमरान भाई के आगे।’
हालांकि, पवन खेड़ा सोमवार को इस पर सफाई देते नजर आए। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, 'मुझे पहचान कांग्रेस ने दी है। मैं अपनी इस बात से सहमत भी हूं और इस पर अडिग भी हूं।' उन्होंने कहा कि हम पार्टी के प्रवक्ता हों या कांग्रेस की सरकार में कानून मंत्री हों, हमारी पहचान कांग्रेस से बनी है। यह हम में से किसी को नहीं भूलना चाहिए।
वहीं, राजस्थान के सिरोही से कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा ने लिखा, "कांग्रेस पार्टी को यह बताना चाहिए कि राजस्थान के किसी भी कांग्रेस नेता/कार्यकर्ता को राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनाने के क्या कारण हैं?" अपने ट्वीट के साथ लोढ़ा ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राजस्थान कांग्रेस को भी टैग किया है।
कांग्रेस ने पवन खेड़ा को मैदान में उतारने के बजाय चिदंबरम को तमिलनाडु, रमेश को कर्नाटक, माकन को हरियाणा और सुरजेवाला को राजस्थान से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को राजस्थान से, विवेक तन्खा को मध्य प्रदेश, राजीव शुक्ला और रणजीत रंजन को छत्तीसगढ़ तथा इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र से उम्मीदवार बनाया है।
अगले दो महीनों में राज्यसभा में 55 सीट खाली हो रही हैं। सात कांग्रेस सदस्य चिदंबरम (महाराष्ट्र), रमेश (कर्नाटक), अंबिका सोनी (पंजाब), विवेक तन्खा (मध्य प्रदेश), प्रदीप टम्टा (उत्तराखंड), कपिल सिब्बल (उत्तर प्रदेश) और छाया वर्मा (छत्तीसगढ़) अपने कार्यकाल पूरे करेंगे।