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'इतिहास को तोड़ मरोड़ कर किया गया पेश, अब गलतियों को सुधारा जा रहा है', असम के हीरो लाचित बोड़फुकन की 400वीं जयंती पर बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि आजादी के बाद जरूरत थी कि भारत को गुलाम बनाने वाले विदेशियों के एजेंडे को बदला जाता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 25, 2022 पर 2:23 PM
'इतिहास को तोड़ मरोड़ कर किया गया पेश, अब गलतियों को सुधारा जा रहा है', असम के हीरो लाचित बोड़फुकन की 400वीं जयंती पर बोले PM मोदी
असम के हीरो लाचित बोड़फुकन की 400वीं जयंती पर बोले PM नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को कहा कि भारत का इतिहास (Indian History) वीरता का रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी (Independence) के बाद भी वह इतिहास पढ़ाया जाता रहा, जो गुलामी के दौरान (Colonial Rule) साजिशन रचा गया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जरूरत थी कि भारत को गुलाम बनाने वाले विदेशियों के एजेंडे को बदला जाता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

PM मोदी दिल्ली में विज्ञान भवन में पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य के जनरल लाचित बोड़फुकन (Lachit Borphukan) की 400वीं जयंती पर साल भर आयोजित कार्यक्रमों के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने बोड़फुकन की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में यहां लगाई गई प्रदर्शनी का भी दौरा किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma), राज्यपाल जगदीश मुखी और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल (Sarbanand Sonewal) समेत कई बड़े लोग मौजूद थे।

उन्होंने कहा, "भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है। भारत का इतिहास योद्धाओं का इतिहास है, अत्याचारियों के विरूद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है। भारत का इतिहास वीरता की परंपरा का रहा है।"

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