शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने सोमवार को दावा किया है कि अगर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ती हैं, तो वह निश्चित रूप से जीत हासिल करेंगी। राउत ने कहा, "वाराणसी के लोग प्रियंका गांधी को चाहते हैं। अगर प्रियंका गांधी वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं तो वह निश्चित रूप से जीत हासिल करेंगी। वाराणसी के लोग प्रियंका गांधी को चाहते हैं। बीजेपी के लिए रायबरेली, वाराणसी और अमेठी की लड़ाई कठिन है।"
NDTV के मुताबिक, शरद पवार और अजित पवार के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिल सकते हैं तो शरद पवार और अजित पवार क्यों नहीं? शरद पवार और अजीत पवार की मुलाकात की अटकलों पर बात करते हुए शिवसेना (UBT) नेता ने कहा, "अगर नवाज शरीफ और पीएम नरेंद्र मोदी मिल सकते हैं, तो शरद पवार और अजीत पवार क्यों नहीं? हमें मीडिया से मुलाकात के बारे में पता चला है। शरद पवार और अजित पवार की कल मुलाकात हुई, शरद पवार जल्द ही इस पर बोलेंगे। मुझे लगता है कि शरद पवार ने अजित पवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक के लिए आमंत्रित किया है।''
राउत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के दोनों डिप्टी सीएम भी इस मौजूदा सरकार से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, "राजनीति में कुछ भी हो सकता है। अजित पवार, देवेन्द्र फड़णवीस और महाराष्ट्र की जनता इस मौजूदा सरकार से खुश नहीं है।" इससे पहले रविवार को जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से अजित पवार के साथ 'गुप्त बैठक' के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब बैठक किसी के आवास पर हुई तो वह गुप्त कैसे हो गई।
उन्होंने कहा, "भतीजे से मिलने में क्या गलत है? यह बैठक कैसे गुप्त हो सकता है जब यह किसी के आवास पर हुआ था। मैं वहां उनके आवास पर था।" उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनके भतीजे अजित पवार उनसे मुलाकात करते हैं तो इसमें गलत क्या है। बता दें कि शरद पवार के भतीजे अजीत पवार 8 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) विधायकों के साथ हाल ही में BJP-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए। बाद में अजित पवार ने NCP के कई विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने राज्य के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली। महाराष्ट्र के दूसरे डिप्टी सीएम बीजेपी नेता देवेन्द्र फड़णवीस हैं।