लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अब अपना पुराना 12 तुगलक लेन (12 Tughlaq Lane) वाला सरकारी बंगला एक बार फिर वापस मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2019 के "मोदी सरनेम" मानहानि मामले में सजा पर रोक लगाने के बाद सांसदी बहाल होने के एक दिन बाद राहुल गांधी को दिल्ली में उनका पुराना सरकारी बंगला फिर से आवंटित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि लोकसभा हाउस कमेटी (Lok Sabha House Committee) ने कांग्रेस सांसद गांधी को उनका पुराना बंगला 12 तुगलक लेन आवंटित कर दिया है।
आपराधिक मानहानि मामले में सूरत अदालत की सजा के बाद मार्च में सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद राहुल गांधी ने प्रोटोकॉल के अनुरूप अप्रैल महीने में दिल्ली में स्थित अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था। एक अयोग्य सांसद सरकारी आवास के हकदार नहीं होते है। अयोग्य सांसद को आधिकारिक आवास खाली करने के लिए एक महीने का समय मिलता है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, सांसद के रूप में अपना आधिकारिक आवास वापस पाने की मीडिया रिपोर्टों पर राहुल गांधी ने कहा- 'मेरा घर पूरा हिंदुस्तान है।'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद सोमवार को संसद पहुंचे जहां उनकी पार्टी और कुछ अन्य सहयोगी दलों के सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके समर्थन में सांसदों ने नारेबाजी की। संसद भवन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया और फिर लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया।
विपक्षी सांसदों ने 'राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं' और 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगाए। सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने अपने ट्विटर प्रोफाइल का ब्यौरा बदला और संसद सदस्य लिखा। सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद उन्होंने ‘डिस्क्वालीफाइड एमपी’ (अयोग्य ठहराए गए सांसद) लिखा था।
‘मोदी सरनेम’ को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार अगस्त को रोक लगाए जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की लोकसभा सदस्यता सोमवार को बहाल कर दी गई। इस संबंध में लोकसभा सचिवालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।