'टपोरी भाषा.. हिंदू देवताओं का अपमान' विपक्षी नेताओं ने 'आदिपुरुष' के लिए फिल्म निर्माताओं और BJP से माफी मांगने को कहा
BJP पर निशान साधते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) ने फिल्म के 'शर्मनाक डायलॉग' और इसमें दिखाए गए हिंदू देवताओं के 'अपमान' के लिए फिल्म की आलोचना की है। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि फिल्म में हिंदू धर्म का अपमान किया गया है और बीजेपी के नेता इसका प्रचार कर रहे हैं। सिंह ने कहा, "अगर आप इस फिल्म के डायलॉग सुनेंगे, तो आपको शर्म आएगी।" सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को माफी मांगनी चाहिए
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अपडेटेड Jun 17, 2023 पर 6:52 PM
विपक्षी नेताओं ने 'आदिपुरुष' के लिए फिल्म निर्माताओं और BJP से माफी मांगने को कहा
ओम राउत (OM Raut) की फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) हाल ही में रिलीज हुई और विवादों में घिर गई। फिल्म को लेकर कई विपक्षी दिलों ने भी कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इन दलों ने फिल्म की 'टपोरी' भाषा और देवताओं के 'खराब' चित्रण के जरिए हिंदू धर्म के "अपमान" का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में BJP पर निशान साधते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) ने फिल्म के 'शर्मनाक डायलॉग' और इसमें दिखाए गए हिंदू देवताओं के 'अपमान' के लिए फिल्म की आलोचना की है।
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि फिल्म में हिंदू धर्म का अपमान किया गया है और बीजेपी के नेता इसका प्रचार कर रहे हैं। सिंह ने कहा, "अगर आप इस फिल्म के डायलॉग सुनेंगे, तो आपको शर्म आएगी।" सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को माफी मांगनी चाहिए।
BJP ने भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान एक फ़िल्म बनवा कर किया है।
Film '#Adipurush' Yogi Adityanath, Khattar, Devendra Fadnavis, Pushkar Dhami समेत BJP के कई मुख्यमंत्री और मंत्री के आशीर्वाद से बनी है BJP और इन सभी को भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान… pic.twitter.com/sQa5xT5cNa — AAP (@AamAadmiParty) June 17, 2023
उन्होंने कहा, "BJP गुंडों की पार्टी है और धर्म का अहंकार भी दिखा रही है। नरेंद्र मोदी जी, जेपी नड्डा जी को माफी मांगनी चाहिए। बीजेपी के लोग न तो भगवान राम के हैं, न आम लोगों के हैं, न ही वे किसी काम के हैं।"
उन्होंने रामायण में तथ्यों को बदलने के लिए अपनी कल्पना का इस्तेमाल करने के लिए फिल्म निर्माताओं को भी फटकार लगाई।
AAP नेता ने कहा, "इस फिल्म में कल्पना के आधार पर माता सीता पर वार किया गया था। क्या 'रामायण' भी कल्पना के आधार पर बदलेगी? BJP वाले हिन्दू धर्म को मानने वाले नहीं, उसे नष्ट करने वाले हैं।"
आप नेता ने आगे दावा किया कि यह फिल्म उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई मुख्यमंत्रियों के आशीर्वाद से बनी है।
कांग्रेस ने भी फिल्म की भाषा को "टपोरी" कहकर फिल्म की आलोचना की है और कहा है कि यह "धर्म के कारोबार" का एक उदाहरण है।
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि रामायण के रचयिता ने सियाराम की मधुर, सौम्य और मनमोहक छवि को समाज के मन-मस्तिष्क के भीतर कायम किया था और यही "धर्म और धर्म के कारोबार के बीच का अंतर है।"
हमारे आराध्य भगवान श्रीराम मर्यादापुरुषोत्तम है और प्रभु श्री हनुमान सौम्यता और गम्भीरता का प्रतीक हैं। 1987 में जब श्री रामानन्द सागर ने रामायण धारावाहिक बनाया, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व० राजीव गांधी जी ने कहा था कि “ ‘रामायण’ ने लाखों दर्शकों के मन-मस्तिष्क को प्रज्वलित कर… pic.twitter.com/B0hbUtPMsx — Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 17, 2023
उन्होंने कहा, "आप अपनी चाटुकारिता के दम पर सस्ती लोकप्रियता हासिल कर लेंगे, बड़े-बड़े शोज भी मिल जाते हैं, लेकिन टैलेंट की कमी जरूर आड़े आती है।"
श्रीनेट ने कहा कि फिल्म के विपरीत, रामानंद सागर के बनाए गए 1987 रामायण धारावाहिक ने भारत की महान संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों को सभी के बीच पहुंचाया था। उन्होंने आगे कहा, लेकिन फिल्म अपनी "टपोरी भाषा" से करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाती है।
वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने फिल्म निर्माताओं को खराब डायलॉग लेखन के लिए फटकार लगाई और उनसे महान हिंदू महाकाव्य रामायण को शर्मसार करने के लिए पूरे देश से माफी मांगने को कहा।
उन्होंने लिखा, "आदिपुरुष के डयलॉग लेखक मनोज मुंतशिर, साथ ही डायरेक्टर को फिल्म के लिए खासतौर से भगवान हनुमान के लिए लिखे गए डायलॉग के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।"
प्रियंका ने ट्वीट किया, "मनोरंजन के नाम पर हमारे पूजनीय देवताओं के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे देखकर हर भारतीय की संवेदनाएं आहत होती हैं। आप मर्यादा पुरुषोत्तम राम पर फिल्म बनाते हैं और जल्दी बॉक्स ऑफिस सफलता के लिए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ जाते हैं, यह अस्वीकार्य है।"