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अब कोलकाता का अंडरवॉटर मेट्रो बना BJP-TMC की तकरार की वजह, उद्घाटन में ममता को नहीं मिला न्यौता

उद्घाटन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को न्यौता नहीं भेजा गया, जिसके बाद पार्टी ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला लिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 14, 2020 पर 10:38 AM
अब कोलकाता का अंडरवॉटर मेट्रो बना BJP-TMC की तकरार की वजह, उद्घाटन में ममता को नहीं मिला न्यौता

कोलकाता में देश के पहले अंडरवॉटर मेट्रो (underwater metro) का उद्घाटन गुरुवार को हो गया। Kolkata Metro Rail Corporation (KMRC) ने गुरुवार को देश के पहले अंडरवॉटर मेट्रो ट्रेन के Kolkata East-West Metro Corridor को पब्लिक सर्विस के लिए खोल दिया। इस ट्रेन को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने हरी झंडी दिखाई। लेकिन यह मेट्रो भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta party) और तृणमूल कांग्रेस (Trinmool Congress) के बीच फिर एक बार तकरार की वजह बन गया है। इस उद्घाटन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को न्यौता नहीं भेजा गया, जिसके बाद पार्टी ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला लिया।

न्यूज एजेंसी PTI ने गुरुवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम के इन्विटेशन कार्ड पर ममता बनर्जी का नाम न देखने के बाद पार्टी के सीनियर सांसद काकोली घोष दस्तीदार और विधायक सुजीत बोस ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया।

दस्तीदार ने कहा- East-West मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट ममता बनर्जी का ब्रेनचाइल्ड था। 2009-11 में जब वो रेलमंत्री थीं, उन्होंने रेलवे बजट में इसके लिए फंड जारी किया था। अब जब इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो रहा है तो उन्हें ही इन्वाइट नहीं किया गया है। यह बंगाल के लोगों का अपमान है।

TMC के इस रवैये पर बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने इसे उसके कर्मों की सजा बताया है। Outlook की खबर के अनुसार घोष ने कहा- लेफ्ट की सत्ता के दौरान जब ममता बनर्जी रेलवे मंत्री थीं तब कई कार्यक्रमों में उन्होंने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य को कई मौकों पर नहीं बुलाया था। ऐसे में वो लोग आदर-सम्मान की बात न करें तो ही अच्छा है।

घोष ने यह भी कहा कि बंगाल में कई प्रशासकीय बैठकों के मौकों पर बीजेपी के विधायकों को नहीं बुलाया गया है, क्या ये आदर-सम्मान दिखाता है? रेलवे स्थानीय प्रतिनिधियों को बुलाया है अब यह उन पर निर्भर करता है कि वो आते हैं या नहीं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के एकछत्र राज्य में बीजेपी ने धीरे-धीरे सेंध लगाना शुरू किया है। लेफ्ट के गढ़ के बाद अब ममता के राज वाले पश्चिम बंगाल पर बीजेपी की नजर है। यहां पिछले कुछ वक्त में बीजेपी काफी अग्रेसिव हुई है। 2021 में यहां चुनाव होने हैं, जिसके चलते यहां अब बीजेपी-टीएमसी के बीच की भिड़ंत धीरे-धीरे युद्ध में बदलने वाली है।

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