Uttarakhand Election 2022: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत (Harish Rawat) ने रविवार को कहा कि पार्टी में किसी को भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पंजाब की तरह उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने के मुद्दे पर रावत ने कहा कि यह कदम रणनीतिक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं संघर्ष की राजनीति करता हूं, सत्ता की नहीं। पार्टी ने मुझसे कहा है कि चुनाव प्रचार का नेतृत्व मैं करूंगा। हम चुनाव जीतने के लिए लड़ रहे हैं। पार्टी में किसी को भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर मेरे नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के किसी भी सदस्य ने मेरे नाम पर कोई आपत्ति व्यक्त नहीं की है।
पूर्व सीएम रावत लालकुआं सीट से चुनावी मैदान में हैं। वह चौथी बार नई सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला सीट से उपचुनाव जीतकर रावत 2014 में मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि 2017 में उन्होंने उधम सिंह नगर में हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा से चुनाव लड़ा लेकिन दोनों जगह से हार गए।
उत्तराखंड में कल होगा मतदान
उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर कल यानी सोमवार को मतदान होगा और मतों की गिनती 10 मार्च को होगी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में 70 सीटों पर सोमवार को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है, जहां प्रदेश के 82 लाख से ज्यादा मतदाता कुल 632 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य तय करने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए गए हैं।
उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सौजन्या ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर कोविड के मद्देनजर हैंड सैनेटाइजर और ईवीएम का प्रयोग करने के लिए दस्ताने दिए गए हैं ताकि महामारी का प्रसार न हो। उन्होंने मतदाताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और मास्क पहनने जैसे कोविड गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की।
BJP और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला होना तय
करीब 21 साल पहले बने उत्तराखंड में पिछले चार विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी ज्यादातर सीटों पर कड़ा मुकाबला सत्ताधारी बीजेपी और कांग्रेस में होना तय है। हांलांकि, आम आदमी पार्टी ने 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल भी 48 सीटों पर चुनाव लडकर अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रहा है।
बीजेपी की तरफ से पार्टी का दारोमदार मुख्य रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कंधों पर है जो पिछले एक पखवाडे से पूरे प्रदेश का दौरा कर अपना पसीना बहा रहे हैं। खटीमा से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने का प्रयास कर रहे धामी का मुकाबला भुवन चंद्र कापडी से है जो प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। दूसरी तरफ, हरीश रावत इस बार लालकुआं से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जहां उनका मुकाबला बीजेपी के मोहन बिष्ट के अलावा कांग्रेस की बागी प्रत्याशी संध्या डालाकोटी से भी है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक हरिद्वार शहर से जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल श्रीनगर गढवाल सीट से चुनावी मैदान में हैं इसके अलावा, आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल गंगोत्री सीट पर चुनावी ताल ठोंक रहे हैं। रोचक तथ्य यह है कि पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित रूप से 57 सीटें जीतकर ऐतिहासिक विजय हासिल करने वाली बीजेपी के सामने चुनौती न केवल अपनी साख बचाने की है बल्कि वह कांग्रेस के साथ एक कड़े मुकाबले में उलझी हुई है।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि चुनाव में बाजी किसी भी तरफ पलट सकती है। प्रदेश में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 8624 है। प्रदेश में सभी सुविधा युक्त आदर्श बूथों की संख्या 150 है जबकि पूरी तरह महिलाओं की तैनाती वाले सखी बूथों की संख्या 100 है। सबसे अधिक 1248 मतदाता वाला मतदेय स्थल हरिद्वार जिले के खानपुर विधानसभा सीट का नगला इमरती एवं उधम सिंह नगर जिले की जसपुर विधानसभा सीट का गढी नेगी है जबकि सबसे कम मतदाताओं की संख्या वाला मतदेय स्थल कोटद्वार विधानसभा सीट का ढिकाला बूथ है जहां केवल 14 मतदाता हैं।