देश के विभाजन के वक्त सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि "नया देश पाकिस्तान जी नहीं पाएगा।" मौलाना अबुल कलाम आजाद के अनुसार, "उनका (यानी सरदार पटेल का) खयाल था कि पाकिस्तान की मांग मान लेने से मुस्लिम लीग को अच्छा-खासा सबक मिल जाएगा। थोड़े ही अरसे में पाकिस्तानी इमारत भरभरा कर ढह जाएगी और जो प्रांत हिंदुस्तान से अलग हो रहे हैं उन्हें बेहिसाब मुसीबतें और परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।"
