पाकिस्तान की संविधान सभा के सदस्यों से मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा था कि "किसी भी सरकार का पहला काम कानून-व्यवस्था बनाये रखना है। क्योंकि राज्य की तरफ से जनता के जीवन, संपत्ति और धार्मिक आस्था को पूरी तरह संरक्षित किया जाना जरूरी है।" उन्होंने यह भी कहा, "भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी सबसे बड़े अभिशाप हैं जिन्हें अविभाजित भारत भुगतता रहा है। दूसरे देशों में भी ये बुराइयां हैं, पर हमारी हालत ज्यादा बदतर है। ये सचमुच जहर हैं। हमें इनसे कठोर हाथों से निपटना चाहिए। मैं यह उम्मीद करता हूं कि इस सभा के सदस्यों के लिए जितना जल्दी संभव हो सके, आप इस दिशा में समुचित कदम उठाएंगे।"
