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ज्यादातर सरकारी बैंकों का निजीकरण होना तय है: फाइनेंस सेक्रेटरी

वित्त सचिव ने बताया कि GST फाइलिंग में जो दिक्कतें आ रहीं थी, उन्हें ठीक कर दिया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 15, 2021 पर 12:38 PM
ज्यादातर सरकारी बैंकों का निजीकरण होना तय है: फाइनेंस सेक्रेटरी

वित्त सचिव (Finance Secretary ) टीवी सोमनाथन (T.V. Somanathan) ने कहा है कि सरकार भविष्य में पब्लिक सेक्टर (सरकारी बैंक) के ज्यादातर बैंको का निजीकरण (privatise) करेगी।
 
सोमनाथन ने 13 जुलाई को इंडिय पॉलिसी फोरम 2021 (India Policy Forum 2021) में कहा कि सरकार अपनी घोषित पॉलिसी के मुताबिक इस क्षेत्र में बहुत कम सरकारी बैंक होंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ये उनके निजी विचार हैं।

इस फोरम का आयोजन आर्थिक शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकोनॉमिक रिसर्च (National Council of Applied Economic Research -NCAER)  (NCAER) की तरफ से किया गया था। सोमनाथन ने यह बात ऐसे समय में कही है जब देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी (insurer) अपना IPO लाने की तैयारी में हैं। 

सोमनाथन ने आगे कहा कि हमने घोषणा की है कि ज्यादातर सरकारी बैंकों का अंतत: (eventually) निजीकरण कर दिया जाएगा.... यह कहना कि अंतत: निजीकरण करना और वास्तव (actually) में उनका निजीकरण करना दो लग-अलग चीजें हैं, लेकिन हम उनके निजीकरण के लिए पूरी तरह से एक्टिव हैं। बैंकिंग उन सेक्टरों में से एक है जहां सिर्फ कम से कम सरकारी बैंक रहेंगे। यही घोषित नीति है।

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सोमनाथन ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए आवश्यक सुधारों के साथ, सरकारी सब्सिडी में बदलाव की जरूरत है। हमें अपनी कुछ सब्सिडी व्यवस्था जैसे कृषि सब्सिडी, खाद्य सब्सिडी, उर्वरक सब्सिडी में सुधार करना होगा। उनमें से कुछ आपस में जुड़े हुए हैं। सोमनाथन ने कहा कि दूसरा हमें शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Health) और इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर सार्वजनिक खर्च की क्षमता में सुधार करने की जरूरत है।

वित्त सचिव ने ये भी बताया कि GST फाइलिंग में जो दिक्कते आ रही थी, उन्हें दुरुस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही कहा कि रेवेन्यू कलेक्शन में अतिरिक्त सुधार की भी योजना बनाई गई है।

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