हरियाणा के अखाड़े में कुश्ती करते दिखे राहुल गांधी, बजरंग पुनिया सहित अन्य पहलवानों से की मुलाकात

कांग्रेस की हरियाणा इकाई के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के अनुसार, राहुल गांधी तड़के छारा गांव में 'वीरेंद्र अखाड़ा' पहुंचे। बाद में उन्होंने बजरंत पुनिया सहित अन्य पहलवानों से बातचीत की। राहुल गांधी कई घंटे तक अखाड़े में रूके। गांधी के जाने के बाद पुनिया ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस नेता ने अखाड़े में पहलवानों की दिनचर्या देखी और उनसे बातचीत की

अपडेटेड Dec 27, 2023 पर 1:23 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Rahul Gandhi ने पहलवानों से मुलाकात की और कुश्ती करते भी दिखे

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार की सुबह अचानक हरियाणा के झज्जर जिले में एक अखाड़े का दौरा किया। इस दौरान वह बजरंग पुनिया समेत पहलवानों के एक समूह से मुलाकात की। राहुल गांधी की पहलवानों से मुलाकात भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को लेकर जारी विवाद की पृष्ठभूमि में हुई है। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवान लगातार एक्शन लेने की मांग कर रही हैं। अखाड़े में राहुल कुश्ती करते भी दिखाई दिए।

कांग्रेस की हरियाणा इकाई के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के अनुसार, राहुल गांधी तड़के छारा गांव में 'वीरेंद्र अखाड़ा' पहुंचे। बाद में उन्होंने बजरंत पुनिया सहित अन्य पहलवानों से बातचीत की। राहुल गांधी कई घंटे तक अखाड़े में रूके। गांधी के जाने के बाद पुनिया ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस नेता ने अखाड़े में पहलवानों की दिनचर्या देखी और उनसे बातचीत की। यह पूछे जाने पर कि क्या गांधी से बातचीत के दौरान WFI का मुद्दा भी उठा, एक अन्य पहलवान ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता को बताया कि पहलवान काफी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने गांधी की यात्रा को औचक बताया। पुनिया ने कहा कि अखाड़े के पहलवानों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी। पहलवान ने पत्रकारों से कहा, "वह (राहुल) सुबह 6:15 बजे अखाड़ा पहुंचे। उन्होंने हमसे हमारी दिनचर्या के बारे में पूछा, देखा कि हम कैसे व्यायाम करते हैं और उन्होंने भी कुछ व्यायाम किए।" उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि उन्हें कुश्ती के बारे में काफी ज्ञान है।"


उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दूध, बाजरे की रोटी और साग खाया। साथ ही कांग्रेस नेता को स्थानीय रूप से उगाई गई कुछ सब्जियां दी गईं, जिन्हें वह अपने साथ ले गए। दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट ने मंगलवार को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार प्रधानमंत्री को लौटाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि जब पहलवान न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो ऐसे सम्मान निरर्थक हो गए हैं।

पहलवानों ने लौटाया मेडल

फोगाट का यह फैसला ओलंपिक पदक विजेता पुनिया और खिलाड़ी वीरेंद्र सिंह यादव द्वारा अपने पद्म श्री पुरस्कार लौटाने और रियो खेलों की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक द्वारा 21 दिसंबर को डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के रूप में संजय सिंह के चुने जाने के बाद खेल से संन्यास लेने की घोषणा के कुछ दिनों बाद आया है। संजय सिंह, बृजभूषण सिंह शरण के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं और पहलवान नहीं चाहते थे कि बीजेपी सांसद का कोई करीबी डब्ल्यूएफआई में पदाधिकारी बने।

ये भी पढ़ें- 14 जनवरी से 'भारत न्याय यात्रा' शुरू करेंगे राहुल गांधी, मणिपुर से मुंबई तक होगी यात्रा

खेल मंत्रालय ने नवनिर्वाचित WFI को निलंबित कर दिया है और IOA को खेल निकाय के मामलों के प्रबंधन के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने के लिए कहा था। फोगाट, पुनिया और मलिक ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। खिलाड़ियों ने बृजभूषण के खिलाफ इस साल की शुरुआत में जंतर-मंतर पर कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले की सुनवाई दिल्ली की एक अदालत में जारी है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।