Rain Updates: PM मोदी ने देशभर में भारी बारिश के कहर का लिया जायजा हिमाचल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से भी फोन पर की बात

Rain Updates उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के कहर से देश के कई राज्य प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां भूस्खलन से चार और लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग फंसे हैं। सुक्खू ने कहा कि पिछले दो दिन में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 16 या 17 लोगों की मौत हुई है

अपडेटेड Jul 10, 2023 पर 9:26 PM
गुरुग्राम की खोटा कॉलोनी में भारी मानसूनी बारिश के बाद जलजमाव वाली सड़क से गुजरते लोग (PHOTO-PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश (Heavy Rains) से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी। बाद में प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) और उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से बात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी।

PMO ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से बात की और भारत के कुछ हिस्सों में बहुत ज्यादा बारिश के मद्देनजर पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। स्थानीय प्रशासन, NDRF और SDRF की कई टीम प्रभावित लोगों की सकुशलता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।"

उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के कहर से देश के कई राज्य प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां भूस्खलन से चार और लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग फंसे हैं।


सुक्खू ने कहा कि पिछले दो दिन में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 16 या 17 लोगों की मौत हुई है।

राज्य में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, घरों को नुकसान पहुंचने और कई लोगों की मौत होने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने सोमवार को ‘अत्यंत भारी बारिश’ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

50 साल में इतनी भारी बारिश नहीं देखी: CM सुक्खू

मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि राज्य ने बीते 50 साल में इतनी भारी बारिश नहीं देखी और इस मानसून के मौसम में राज्य को अब तक करीब 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि बीते दो दिन में बारिश के कारण हुए हादसों में 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लाहौल और स्पीति में चंद्रताल और पागल और तेलगी नाले के बीच फंसे 400 टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में संवाददाताओं को बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संपर्क में हैं और स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

सुक्खू ने कहा कि बद्दी, कुल्लू और ऊना में पुल टूट गए हैं और कुल्लू में लारगी विद्युत परियोजना जलमग्न हो गई है।

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने रविवार को देर शाम सभी उपायुक्तों से बात की और नुकसान के संबंध में स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने लिए आवश्यक निर्देश दिए।

बयान के अनुसार, पूरी रात जागकर मुख्यमंत्री ने फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए चलाए गए अभियान पर नजर रखी।

Rains in India: उत्तर भारत में बारिश का कहर जारी! पीएम मोदी ने संभाला मोर्चा, 'अलर्ट मोड' में राज्य सरकारें

सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और पुलिस ने मनाली के पॉटेटो मैदान और मंडी के नागवयिन गांव से फंसे हुए 29 लोगों को निकाला।

मुख्यमंत्री ने लाहौल और स्पीति जिला प्रशासन को चंद्रताल झील के पास फंसे पर्यटकों को पर्याप्त भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि बचाव अभियान समय पर चलाया जा सके।

उन्होंने कहा, ''मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि अनावश्यक यात्रा नहीं करें और जलधाराओं एवं नदियों के पास नहीं जाएं।''

वहीं उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर सोमवार को भी बारिश और भूस्खलन होने से कई रास्तों पर यातायात अवरुद्ध हुआ। लगातार बारिश होने से गंगा समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। हरिद्वार में सुबह आठ बजे गंगा नदी का जलस्तर 292 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के स्तर 294 मीटर से केवल दो मीटर नीचे है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।