Rains in India: उत्तर भारत में बारिश का कहर जारी! पीएम मोदी ने संभाला मोर्चा, 'अलर्ट मोड' में राज्य सरकारें
Rains in India: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्याधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की। PMO ने एक ट्वीट में कहा, "स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही हैं।" पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ
Rains in North India: कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने बारिश प्रभावित राज्यों को 'पीएम केयर्स फंड' से राहत देने की मांग की है
Rains in North India: उत्तर भारत में जारी मूसलाधार बारिश के कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार को अपने सीनियर मंत्रियों और अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया। बता दें कि हिमाचल प्रदेश भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य में भूस्खलन से चार और लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग फंसे हैं। उत्तर भारत में, दिल्ली में यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं। क्षेत्र में कई सड़कें और आवासीय इलाके घुटने तक पानी में डूब गए हैं। कई जगहों पर सैलाब में कार बहते नजर आए। रविवार को रिकॉर्ड बारिश के कारण नगर निकाय भी स्थिति सुधारने में असहाय नजर आए। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने बारिश प्रभावित राज्यों को 'पीएम केयर्स फंड' से राहत देने की मांग की है।
पीएम मोदी ने संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्याधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की। PMO ने एक ट्वीट में कहा, "स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही हैं।" वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मूसलाधार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कुछ अन्य राज्यों में हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। साथ ही केंद्र सरकार से आग्रह किया कि 'पीएम केयर्स फंड' से अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जानी चाहिए।
PM @narendramodi spoke to senior Ministers and officials, and took stock of the situation in the wake of excessive rainfall in parts of India. Local administrations, NDRF and SDRF teams are working to ensure the well-being of those affected.
पुलिस ने बताया कि भूस्खलन से शिमला में चार और लोगों की जान चली गई। पर्वतीय राज्य में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण शिमला-कालका हाईवे सोमवार सुबह बंद हो गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले दो दिन में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 16 या 17 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मनाली में फंसे 20 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में 200 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
शिमला के ठियोग सब डिवीजन में सोमवार सुबह भूस्खलन के बाद मलबा के एक मकान पर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना पल्लवी गांव में हुई और मृतकों की पहचान दीप बहादुर, देवदासी और मोहन बहादुर के रूप में हुई है। शिमला शहर के बाहरी इलाके राझना गांव में भूस्खलन के बाद मलबे में फंसी एक बुजुर्ग महिला का शव रविवार रात को निकाला गया। इससे कुछ घंटे पहले महिला की पोती का शव घटनास्थल से बरामद किया गया था।
#WATCH | Himachal Pradesh: Mandi's Panchvaktra temple has been submerged in water due to a spate in the Beas river following incessant heavy rainfall. pic.twitter.com/sk7wjpbnah
अधिकारियों ने बताया कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल शिमला-कालका रूट्स पर रेल परिचालन मंगलवार तक के लिए रोक दिया गया है, क्योंकि भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर रूट बंद है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार और मंगलवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है। शिमला से लगभग 16 किमी दूर शोघी के पास सोमवार को भूस्खलन के बाद शिमला-कालका नेशनल हाईवे बंद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 120 से अधिक सड़कें बंद हैं, जबकि 484 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
सीएम सुक्खू ने एक वीडियो में लोगों से अपील की कि वे भारी बारिश में घरों से बाहर निकलने से बचें, खासकर नदियों और नालों के पास, और अगले 24 घंटों तक सतर्क रहें क्योंकि मौसम विभाग ने भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने और संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए कहा।
(Photo- Reuters)
सीएम केजरीवाल ने भी की बैठक
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राजधानी में मूसलाधार बारिश के कारण हुए जलभराव और यमुना के बढ़ते जल स्तर पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की। बैठक के बाद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यमुना नदी के 206 मीटर के निशान को पार करते ही निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि एक्सपर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में संभवत: बाढ़ की स्थिति पैदा नहीं होगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
#WATCH | Delhi | River Yamuna has crossed warning level. At 1 pm, water level of the river recorded at 204.63 m. At 1 pm, 1,90,837 cusecs of water released from Hathinikund barrage into Yamuna pic.twitter.com/644xxOHYjv — ANI (@ANI) July 10, 2023
सीएम योगी ने दिए 'अलर्ट मोड' में रहने के आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न जिलों में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ तथा जलभराव की स्थिति की सोमवार को समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की आशंका के मद्देनजर 'अलर्ट मोड' में रहने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ और भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति और सभी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश देते हुए प्रभावित जिलों में NDRF, SDRF की आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रखने के आदेश दिए।
पंजाब-हरियाणा में जन-जीवन अस्त-व्यस्त
पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ। प्रभावित इलाकों में लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासन 24 घंटे काम कर रहा है। पंजाब सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में 13 जुलाई तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। चंडीगढ़ में पिछले तीन दिन के दौरान मूसलाधार बारिश हुई और कुछ सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया।
भारी बारिश के कारण पंजाब में कुछ स्थानों पर बाढ़ आने के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि वे नहीं घबराएं। दोनों राज्यों में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मोहाली, पटियाला, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पंचकुला और अंबाला शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिन के लिए अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और गृह, आपदा प्रबंधन और शहरी स्थानीय निकायों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।