देश के जाने-माने उद्योगपति, समाजसेवी और टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा अब हमारे बीच नहीं है। वह अपने पीछे एक बड़ी विरासत छोड़ गए हैं। रतन टाटा पारसी समुदाय से आते थे। हालांकि पारसी समुदाय में टाटा कोई सरनेम नहीं है। ऐसे में कई लोगों के लिए यह जानना दिलचस्प हो सकता है कि आखिर उनका सरनेम ‘टाटा’ कैसे पड़ा? इसका जवाब जानने के लिए सबसे पहले रतन टाटा की वंशावली के बारे में जानना जरूरी है।
