Ratan Tata Death: दिग्गज उद्योगपति और टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने 86 साल की उम्र में मुंबई में आखिरी सांस ली। वह अपनी कारोबारी उपलब्धियों के साथ-साथ अपने विनम्र स्वभाव और परोपकारी कार्यों के भी लिए जाने जाते थे। उनके जीवन में एक ऐसा वाकया भी आया, जब उन्होंने अपने कुत्ते की देखभाल के कारण ब्रिटेन के तत्कालीन प्रिंस चार्ल्स से एक महत्वपूर्ण पुरस्कार लेने से मना कर दिया। बात है 6 फरवरी 2018 की। ब्रिटेन के शाही राजमहल बकिंघम पैलेस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में ब्रिटेन के शाही राजकुमार प्रिंस चार्ल्स, भारतीय उद्योगपति रतन टाटा को उनके परोपकारी कार्यों के लिए एक लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देना चाहते थे।
हालांकि रतन टाटा उस कार्यक्रम में नहीं जा सके और लोगों को यह सुनकर हैरानी हो सकती है इसके पीछे वजह उनका कुत्ता था। स्तंभकार सुहेल सेठ (Suhel Seth) ने कुछ समय पहले एक यूट्यूब वीडियो में इस घटना को याद किया और रतन टाटा की उनके वसूलों के लिए काफी तारीफ और सराहना की। सुहेल ने बताया कि आखिर क्यों रतन टाटा इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं गए थे।
उन्होंने बताया, "सब कुछ तय था। यह पुरस्कार समारोह ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के साथ मिलकर आयोजित किया गया था।" सुहेल ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह 2 फरवरी या 3 फरवरी को लंदन पहुंचे थे।
सुहेल ने बताया कि वह लंबी फ्लाइट जर्नी करके जब लंदन एयरपोर्ट पर उतरे, तो वह यह देखकर हैरान थे कि उनके फोन पर रतन टाटा की तरफ से 11 मिसकॉल के नोटिफिकेशन थे। सुहेल ने बताया कि वह इतने मिसकॉल देखकर थोड़े हैरान हुए और उन्होंने एयरपोर्ट पर अपना बैग पिक करने के बाद तुरंत उन्हें वापस फोन मिलाया।
सुहेल ने रतन टाटा की बात को याद करते हुए बताया, 'उनके कुत्तों- टैंगों और टिटो में से एक काफी बीमार पड़ गया था। मुझे सटीक तो नहीं याद है कि उन्होंने दोनों में से किसका नाम लिया था, लेकिन टैंगों और टिटो में से कोई एक गंभीर बीमार था।'
उन्होंने बताया, "टाटा ने मुझसे कहा कि यह बीमार है और मैं इसे छोड़ कर वहां नहीं आ सकता हूं। सुहेल को यह बात सुनकर हैरानी हुई और उन्होंने प्रिंस चार्ल्स के नाम का हवाला देते हुए टाटा ग्रुप के चेयरमैन को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। टाटा अपना अवॉर्ड लेने उस कार्यक्रम में नहीं आए।
सुहेल सेठ ने प्रिंस चार्ल्स के बारे में बताया कि उन्होंने जब रतन टाटा के कार्यक्रम में नहीं आने के पीछे का कारण सुना तो उन्होंने क्या कहा। प्रिंस चार्ल्स ने उनसे कहा, "इंसान ऐसा होना चाहिए। रतन टाटा कमाल के इंसान है।"
स्तंभकार सुहेल सेठ ने प्रिंस चार्ल्स के नाम का हवाला देते हुए टाटा ग्रुप के चेयरमैन को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।