RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने आज आरबीआई के पॉलिसी रेट की घोषणा की। इसमें उन्होंने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI ने रेपो रेट, CRR दरें बरकरार रखी हैं। उन्होंने कहा कि MPC के 6 में से 4 सदस्य फैसले के पक्ष में रहे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आरबीआई का मुख्य काम महंगाई को काबू में रखना है। महंगाई पर अपने रुख को साफ करते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई की एमपीसी महंगाई-वृद्धि संतुलन को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमपीसी समग्र अर्थव्यवस्था में महंगाई-वृद्धि संतुलन को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ में भारी गिरावट के कारण ग्रोथ अनुमान से बहुत कम रही। दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में मंदी चरम पर पहुंच गई। औद्योगिक गतिविधियों में भी सुधार की उम्मीद है।
FY25 रिटेल महंगाई अनुमान 4.5% से बढ़ाकर 4.8% किया
आरबीआई गवर्नर ने FY25 रिटेल महंगाई अनुमान 4.5% से बढ़ाकर 4.8% किया है। इसके साथ ही Q3FY25 के लिए CPI अनुमान 4.8% से बढ़ाकर 5.7% किया है। Q4FY25 के लिए CPI अनुमान 4.2% से बढ़ाकर 4.5% किया है। Q1FY26 के लिए CPI अनुमान 4.3% से बढ़ाकर 4.6% किया है।
अक्टूबर में महंगाई 14 महीनों के ऊपरी स्तर पर रही
अक्टूबर में, भारत की रिटेल महंगाई साल-दर-साल (YoY) 6.21 प्रतिशत के 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य महंगाई से प्रेरित थी। जो सालाना आधार पर 15 महीने के उच्चतम 10.9 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। खाद्य श्रेणी के भीतर, सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई। ये 57 महीने के उच्चतम स्तर 42 प्रतिशत सालाना पर पहुंच गई। वहीं टमाटर में 161 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आलू में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और प्याज में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
खाद्य महंगाई पर आरबीआई का फोकस
हाल के हफ्तो में, मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित प्रमुख नेताओं ने कारोबार को सपोर्ट करने के लिए उधार लेने की लागत को कम करने का आह्वान किया है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने मौद्रिक नीति निर्णयों में एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में खाद्य महंगाई पर फोकस किया है। सीईए ने खाद्य कीमतों को इनफ्लेशन बास्केट से बाहर करने का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि केंद्रीय बैंक ऐसे वैरिएबल्स को नियंत्रित नहीं कर सकता है। हालांकि आरबीआई ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बैंकों के लिए CRR 4.5% से घटाकर 4% किया
आरबीआई गवर्नर ने पॉलिसी का ऐलान करते हुए बैंकों के लिए CRR 4.5% से घटाकर 4% किया। उन्होंने कहा कि अबकी बार के एमपीसी मीटिंग में कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में 0.50% कटौती की गई है। इससे सिस्टम में 1.16 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैश आएगा। एमपीसी कमिटी ने कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) 0.50% घटाकर 4% किया। उन्होने कहा कि CRR कटौती से सिस्टम में 1.16 लाख करोड़ रुपये का कैश आएगा।
किसान लोन सीमा बढ़कर हुई 2 लाख
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अबकी बार किसानों के लिए कोलेटरल फ्री लोन की सीमा बढ़ाई है। आरबीआई ने किसान कोलेटरल फ्री लोन सीमा बढ़ाकर 2 लाख की है। इस प्रकार किसान लोन सीमा बढ़कर 2 लाख रुपये प्रति Borrower हो गई है।