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Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SBI ने चुनावी बॉन्ड का डेटा चुनाव आयोग को सौंपा

Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार की चुनावी बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया था। शीर्ष अदालत ने इसे 'असंवैधानिक' करार देते हुए भारतीय चुनाव आयोग को चंदा देने वालों, चंदे के रूप में दी गई राशि और चंदा लेने वाली पार्टियों का 13 मार्च तक खुलासा करने का आदेश दिया था

Akhileshअपडेटेड Mar 12, 2024 पर 7:26 PM
Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SBI ने चुनावी बॉन्ड का डेटा चुनाव आयोग को सौंपा
Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट ने SBI को चुनावी बॉन्ड संबंधी डिटेल्स उपलब्ध कराने का आदेश दिया था

Electoral Bonds Data: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चुनावी बॉन्ड का डेटा चुनाव आयोग (Election Commission) को सौंप दिया है। SBI ने मंगलवार (12 मार्च) शाम 5:30 बजे तक सभी चुनाव बॉन्ड का डेटा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को भेज दिया। शीर्ष अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक को बड़ा झटका देते हुए चुनावी बॉण्ड संबंधी जानकारी का खुलासा करने के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध करने वाली उसकी याचिका सोमवार (11 मार्च) को खारिज कर दी थी।

निर्वाचन आयोग को जनता के लिए 15 मार्च 2024 तक सभी डेटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने SBI से 12 मार्च को कामकाजी घंटे समाप्त होने तक निर्वाचन आयोग को चुनावी बॉन्ड संबंधी डिटेल्स उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।

15 को सामने आएंगे सभी नाम

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने निर्वाचन आयोग को SBI द्वारा दी गई जानकारी 15 मार्च को शाम 5 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने SBI को नोटिस दिया है कि यदि बैंक उसके निर्देशों और समयसीमा का पालन करने में विफल रहता है तो शीर्ष अदालत अपने 15 फरवरी के फैसले की 'जानबूझकर अवज्ञा' करने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

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