SC on Article 370: 'अगले साल सितंबर तक कराएं चुनाव, जल्द बहाल हो राज्य का दर्जा' जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट

SC on Article 370: अपने और जस्टिस गवई और जस्टिस सूर्यकांत के लिए फैसला लिखते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रपति के पास इसे रद्द करने की शक्ति है। शीर्ष अदालत ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को अलग करने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखा

अपडेटेड Dec 11, 2023 पर 12:46 PM
SC on Article 370: 'अगले साल सितंबर तक कराएं चुनाव, जल्द बहाल हो राज्य का दर्जा' जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट

SC on Article 370: सुप्रीम कोर्ट (SC) ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त करने के सरकार के फैसले को सोमवार को बरकरार रखा। साथ ही कहा कि अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। शीर्ष अदालत ने ये भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा (Statehood) जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

अपने और जस्टिस गवई और जस्टिस सूर्यकांत के लिए फैसला लिखते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रपति के पास इसे रद्द करने की शक्ति है।

शीर्ष अदालत ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को अलग करने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखा।


उस दिन, सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था।

जम्मू-कश्मीर की कोई अलग आंतरिक संप्रभुता नहीं: CJI

CJI ने कहा, पूर्ववर्ती राज्य के पास देश के दूसरे राज्यों से अलग आंतरिक संप्रभुता नहीं है। सीजेआई ने कहा, "...भारतीय संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर में लागू किए जा सकते हैं।"

चीफ जस्टिस ने कहा, "हम संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए संवैधानिक आदेश जारी करने की राष्ट्रपति की शक्ति के प्रयोग को वैध मानते हैं।"

उन्होंने फैसला सुनाते हुए कहा, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया और ये अनुच्छेद 1 और 370 से साफ है। CJI ने कहा, जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा का कभी भी परमानेंट बॉडी बनने का कोई इरादा नहीं था।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अनुच्छेद 370, तत्कालीन राज्य में युद्ध की स्थिति के कारण एक अंतरिम व्यवस्था थी। सीजेआई ने कहा, रियासत भारत का अभिन्न अंग बन गई है और ये अनुच्छेद 1 और 370 से साफ है।

Article 370 Verdict: जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को रद्द करने का फैसला बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था'

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस गवई, सूर्यकांत, संजय किशन कौल, संजीव खन्ना की बेंच तीन अलग-अलग और सहमति वाले फैसले सुनाने के लिए सुबह 10.56 बजे बैठी। जस्टिस कौल और खन्ना ने अपने फैसले अलग-अलग लिखे।

अपने सहमति वाले फैसले में जस्टिस खन्ना ने कहा कि अनुच्छेद 370 का मकसद धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर को दूसरे भारतीय राज्यों के बराबर लाना था।

उन्होंने राज्य और नॉन-स्टेट एकटर्स दोनों की तरफ से मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए एक सत्य-और-सुलह आयोग (truth-and-reconciliation commission) बनाने का भी निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 16 दिनों की सुनवाई के बाद 5 सितंबर को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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