Industrial production for September :भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट सितम्बर में 3.1 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि पिछले महीने यह 22 महीने के निम्नतम स्तर 0.1 फीसदी पर आ गई थी। यह ग्रोथ कोर सेक्टर की गतिविधि में विस्तार के बाद हुई है। कोर सेक्टर में सितंबर में 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि अगस्त में इसमें 1.6 फीसदी की गिरावट आई थी और ये अपने 42 महीनों के निचले स्तर पर था। सितंबर में कोयला, पेट्रोलियम रिफाइनरियों, प्राकृतिक गैस, सीमेंट और पावर सेक्टर के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। लेकिन कच्चे तेल, इस्पात और उर्वरकों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स में कोर इंडस्ट्रीज का योगदान 40 फीसदी है। त्यौहारी सीजन के कारण तीसरी तिमाही में इनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
सितंबर 2024 में नान-कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ अगस्त के -4.5 फीसदी से बढ़कर 2 फीसदी पर रही है। जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ अगस्त के 5.2 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी पर रही है। सितंबर 2024 में इंफ्रा गुड्स की ग्रोथ अगस्त के 1.9 फीसदी से बढ़कर 3.3 फीसदी पर रही है।
सितंबर 2024 में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ अगस्त के 0.7 फीसदी से बढ़कर 2.8 फीसदी पर रही है। सितंबर 2024 में प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ अगस्त के -2.6 फीसदी से बढ़कर 1.8 फीसदी पर रही है।
सितंबर 2024 में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ अगस्त के -4.3 फीसदी से बढ़कर 0.2 फीसदी पर रही है। सितंबर 2024 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ अगस्त के 1 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी पर रही है। सितंबर 2024 में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ अगस्त के -3.7 फीसदी से बढ़कर 0.5 फीसदी पर रही है।
सितंबर 2023 की तुलना में सितंबर 2024 में उपभोग आधारित वर्गीकरण के मुताबिक IIP की ग्रोथ रेट प्राइमरी गुड्स में 1.8 फीसदी, कैपिटल गुड्स में 2.8 फीसदी, इंटरमीडिएट गुड्स में 4.2 फीसदी, इंफ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन गुड्स में 3.3 फीसदी, कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स में 6.5 फीसदी और कन्ज्यूमर नॉम-ड्यूरेबल्स में 2.0 फीसदी रही।