Shraddha Murder Case: दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने शहर पुलिस को निर्देश दिया है कि महरौली हत्याकांड (Mehrauli Murder) के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Ameen Poonawala) का नार्को परीक्षण (Narco Test) पांच दिन के अंदर पूरा कराया जाए। साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया कि पूनावाला के खिलाफ किसी तरह की थर्ड डिग्री (Third Degree) का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौर ने फोरेंसिक साइंस लैब, रोहिणी को निर्देश दिया कि जांच अधिकारी (IO) को पांच दिन के भीतर आरोपी का नार्को टेस्ट करने दिया जाए।
जज ने आदेश में कहा, "IO को निर्देश दिया जाता है कि किसी थर्ड डिग्री उपाय का इस्तेमाल नहीं किया जाए। मेडिको-लीगल केस (MLC) नियमों के अनुसार तैयार किया जाए।’’ आदेश की एक कॉपी शुक्रवार को सामने आई।
पुलिस के अनुसार पूनावाला ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ 27 साल की श्रद्धा वाल्कर की 18 मई की शाम को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने घर पर लगभग तीन हफ्ते तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा था। इसके बाद कई दिनों तक वो इन टुकड़ों को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फेंकता रहा।
पुलिस अब तक शव के 13 टुकड़े बरामद कर चुकी है, जिनमें ज्यादातर हड्डियां हैं।
Shraddha Murder Case: आफताब ने श्रद्धा को बताया था अपनी पत्नी
वहीं पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आफताब ने मुंबई के पास किराये का एक मकान ढूंढने के दौरान श्रद्धा वाल्कर को अपनी पत्नी बताया था।
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे दोनों वसई में किराये का एक फ्लैट ढूंढ रहे थे और इस दौरान पूनावाला ने वाल्कर को कई बार अपनी पत्नी बताया था, हालांकि उनकी शादी नहीं हुई थी। उन्होंने 2019 में विवाहित होने का दावा करते हुए नायगांव (पूर्व) की एक बिल्डिंग में एक कमरे का फ्लैट किराए पर लिया था।
अधिकारी ने बताया कि किरायेदार का कोई पुलिस वैरिफिकेशन नहीं किया गया था, क्योंकि हाउसिंग सोसाइटी रजिस्टर्ड नहीं थी। हालांकि, महाराष्ट्र के कई इलाकों में पुलिस वैरिफिकेशन अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2020 में, वे वसई (पूर्व) में किराये के 1-BHK (एक बेडरुम-हॉल-रसोई) फ्लैट में शिफ्ट हो गए और पूनावाला ने फिर से वाल्कर को अपनी पत्नी के रूप में मकान मालिक से मिलवाया था।
दस्तावेजों के रूप में, पूनावाला ने अपने माता-पिता के वसई में अपने घर की डिटेल के साथ अपना आधार कार्ड दिया था।
हालांकि, फ्लैट पूनावाला के नाम पर किराए पर लिया गया था, जबकि वाल्कर की तस्वीर पुलिस वैरिफिकेशन दस्तावेज में लगाई गई थी। दस्तावेज पर तुलिंज पुलिस की मुहर थी।
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2021 में वसई स्थित फ्लैट खाली कर दिया और माना जाता है कि वे आसपास की किसी दूसरी बिल्डिंग में चले गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद यहां से ही वे इस साल मार्च में दिल्ली चले गए थे।