भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा (Sania Mirza) और उनके जोड़ीदार हमवतन रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) को शुक्रवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई ओपन (Australian Open) टेनिस टूर्नामेंट के मिक्स्ड डबल्स में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से 36 वर्षीय सानिया का अपने ग्रैंडस्लैम करियर का अंत खिताब के साथ करने का सपना पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने अपने करियर में छह ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं।
सानिया और बोपन्ना की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी रोड लेवर एरेना में खेले गए फाइनल में लुइसा स्टेफनी और राफेल माटोस की ब्राजीलियाई जोड़ी से 6-7 (2) 2-6 से हार गई। सानिया ने अपने करियर में तीन महिला डबल्स और इतने ही मिक्स्ड डबल्स ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। 42 वर्षीय बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन के रुप में मिक्स्ड डबल्स का एक ग्रैंडस्लैम खिताब जीता है।
ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिक्स्ड डबल्स में हारने के बाद सानिया मिर्जा भावुक हो गईं। बमुश्किल वह अपने आंसू थाम पाईं। मैच के बाद अपने आखिरी स्पीच में उन्होंने कहा कि 18 साल पहले मेलबर्न से ही मेरा करियर शुरू हुआ था और इसे खत्म करने की मेलबर्न से बेहतर जगह नहीं हो सकती। मुझे यहां पर घर जैसा अहसास कराने के लिए आप सभी का शुक्रिया।
उन्होंने कहा, ‘अगर मैं रोती हूं तो यह खुशी के आंसू होंगे। मुझे अभी दो और टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है लेकिन मेरे पेशेवर करियर की शुरुआत मेलबर्न से हुई थी।’ सानिया ने बोपन्ना का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘मिक्स्ड डबल्स में रोहन मेरा पहला जोड़ीदार था। तब मैं 14 साल की थी और हमने राष्ट्रीय खिताब जीता था। यह 22 साल पुरानी बात है और मैं अपने करियर का अंत करने के लिए उससे बेहतर व्यक्ति के बारे में नहीं सोच सकती। वह मेरा सर्वश्रेष्ठ मित्र और मेरे सर्वश्रेष्ठ जोड़ीदारों में से एक है।’
सानिया भारत की सबसे सफल महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन और 2012 में फ्रेंच ओपन का मिक्स्ड डबल्स खिताब जीता था। उन्होंने 2014 में ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ मिलकर अमेरिकी ओपन का मिक्स्ड डबल्स खिताब अपने नाम किया था। रॉड लेवर एरेना में उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने यहां महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई ओपन में वह चार बार उपविजेता भी रही हैं।