मंकीकांड से लेकर नस्लवाद तक...बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में कई बार देखने को मिला है हाई वॉल्टेज ड्रामा

Border–Gavaskar Trophy: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की बॉर्डर गावस्कर सीरीज की शुरुआत 22 नवंबर को होगी। जब भी ये दोनों टीमें इस सीरीज में एक दूसरे की सामने आई है तो दोनों के बीच काफी हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। 2017 की सीरीज में स्टीव स्मिथ की एक हरकत पर विराट कोहली मैदान में ही भड़क गए थे

अपडेटेड Nov 16, 2024 पर 11:43 PM
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Border-Gavaskar Trophy: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में हमेशा देखने को मिला है हाईवोल्टेज ड्रामा (Photo Credit- Social Media)

Border–Gavaskar Trophy: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में के इतिहास पर नजर डाले तो इसमें विवादों में कोई कमी नहीं मिलती है। इस टूर्नामेंट में कई ऐसी घटनाएं हुई है जिससे यह सीरीज शर्मसार हुई है। फिर चाहे वह मंकीगेट कांड हो या फिर नस्लवाद। सीरीज के दौरान कई बार दोनों टीमों के खिलाड़ी किसी बात पर आपस में भिड़ते नजर आए हैं। इन विवादों से जेंटलमैन गेम कहे जाने वाले क्रिकेट की साख पर नुकसान पहुचा है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवंबर से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत हो रही है। आइए जानते हैं बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के अबतक हुए विवादों के बारे में, जिसने क्रिकेट की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया।

सिराज पर नस्लीय टिप्पणी


यह घटना भारत के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई थी। सिडनी में तीसरे टेस्ट के दौरान दर्शकों के एक ग्रुप ने मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की थी। शुरुआत में सिराज ने इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जब यह ज्यादा होने लगा तो तेज गेंदबाज ने इसके बारे में कप्तान अजिंक्य रहाणे को बताया। जिसके बाद कप्तान ने मैदानी अंपायरों को इसकी जानकारी दी। फिर छह दर्शकों को स्टेडियम से बाहर निकाल दिया गया और कुछ देर के लिए खेल को भी रोक दिया गया। बाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में माफी भी मांगी।

मंकीगेट कांड

मंकीगेट कांड आज भी यह खेल के इतिहास की सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक है। भारतीय टीम साल 2007-08 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी। सिडनी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह और एंड्रयू साइमंड्स के बीच तीखी नोकझोंक हुई। साइमंड्स ने बाद में आरोप लगाया कि, भारतीय ऑफ स्पिनर ने उन्हें नस्लीय रूप से अपमानित किया और उन्हें "बंदर" कहा। भारत ने इन आरोपों का खंडन किया, लेकिन मैच रेफरी ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया। इस मामले में सबूत न मिलने की कारण हरभजन पर से यह प्रतिबंध हटा दिया गया। इस केस में सचिन तेंदुलकर की गवाही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्मिथ की इस हरकत पर भड़के विराट

साल 2017 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर सीरीज खेली जा रही थी। इस सीरीज का एक मुकाबला बेंगलुरु में खेला गया। जहां पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने लेग-बिफोर आउट दिए जाने के बाद ड्रेसिंग रूम से मदद मांगी, यह सोचकर कि डीआरएस लेना चाहिए या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान की ये हरकत भारतीय खिलाड़ियों और कप्तान विराट कोहली को बिल्कुल पसंद नहीं आई। भारतीय कप्तान ने तुरंत स्मिथ की इस हरकत पर अंपायरों से सवाल किया। जिसके बाद स्मिथ की काफी आलोचना हुई। उनकी इस हरकत को खेल भावना के खिलाफ भी बताया गया।

टिम पेन और ऋषभ पंत

साल 2018-19 में भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान  टिम पेन और ऋषभ पंत के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत में हल्की फुल्की नोकझोंक हो गई थी। फिर टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ यह जुबानी जंग और ज्यादा बढ़ गई। पंत को भड़काते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने कहा कि, वह उनके  बेबीसिटर का काम कर लें। क्योंकि वनडे टीम में धोनी की वापसी के बाद शायद ही उनको खेलने का मौका मिले। जिसके जवाब में पंत ने कहा कि, क्रीज  पर ऑस्ट्रेलिया के अस्थायी कप्तान आ गए है।

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