Dutee Chand Ban: एशियन गेम्स से पहले भारत को बड़ा झटका, स्टार एथलीट दुती चंद पर लगा 4 साल का बैन

Dutee Chand Ban: दुती के वकील पार्थ गोस्वामी ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि यह खिलाड़ी अपने पूरे पेशेवर करियर में क्लीन एथलीट (किसी भी डोपिंग से दूर) रही है। यह मामला इस पदार्थ के अनजाने में सेवन करने का था। दुती ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीते थे।

अपडेटेड Aug 18, 2023 पर 3:30 PM
Dutee Chand Ban: दुती के नाम 2021 से 100 मीटर में 11.17 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है

Dutee Chand Ban: भारत की स्टार एथलीट और नेशनल रिकॉर्ड धारक दुती चंद (India Sprint Queen Dutee Chand) अगले 4 सालों तक ट्रैक पर नहीं दिखाई देंगी। डोप टेस्ट में विफल होने के कारण नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन पर 4 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतने वाली स्टार महिला एथलीट दुती चंद ने शुक्रवार को कहा कि उन पर लगाए गए चार साल के प्रतिबंध के फैसले को वह चुनौती देंगी। वह नाडा की डोप जांच में विफल रही थीं। 27 साल की दुती पर गुरुवार को प्रतिबंध लगाया गया था। इस 100 मीटर की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी एथलीट के पिछले साल दिसंबर में लिए दिए दो सैंपल में अन्य एनाबोलिक एजेंट/SARMS मौजूद थे जो वाडा की 2023 प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल हैं।

ये नमूने पांच और 26 दिसंबर को लिये गये थे और दोनों ही एक समान पदार्थ के पॉजिटिव पाए गए थे। SARMS (सलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मोड्यूलेटर) ऐसे नॉन स्टेराइड पदार्थ हैं जिन्हें आमतौर पर आस्टियोपोरोसिस (हड्डी संबंधित बीमारी), अनीमिया (खून की कमी) और मरीजों में जख्मों से उबरने के लिए किया जाता है। दुती पर लगा प्रतिबंध इस साल तीन जनवरी से प्रभावी होगा और पांच दिसंबर 2022 को लिए गए पहले सैंपल की इस तारीख से उनके सभी प्रतिस्पर्धी नतीजे हटा दिए जाएंगे।

दुती की सफाई


दुती के वकील पार्थ गोस्वामी ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि यह खिलाड़ी अपने पूरे पेशेवर करियर में क्लीन एथलीट (किसी भी डोपिंग से दूर) रही है। यह मामला इस पदार्थ के अनजाने में सेवन करने का था। दुती ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीते थे। उनके नाम 2021 से 100 मीटर में 11.17 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।

गोस्वामी ने कहा, "हमारे लिए यह मामला स्पष्ट तौर पर अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का है। हम इस पदार्थ का स्रोत भी स्पष्ट रूप से जान पाये जो पूरी तरह से उनके इरादे का ठोस सबूत है। इस पदार्थ का इस्तेमाल कभी भी खेल में फायदा उठाने के लिए नहीं किया गया था।" उन्होंने कहा, "हम अपील दायर करने की प्रक्रिया में हैं। हमें उम्मीद है कि हम अपीलीय पैनल को यह बात समझाने में सफल रहेंगे।"

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दुती के वकील ने कहा, "दुती भारत का गौरव हैं और वह पूरी तरह से 'क्लीन एथलीट' हैं। एक दशक के चमकदार करियर के दौरान दुती अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कई डोप जांच से गुजर चुकी हैं। इतने लंबे करियर में वह कभी भी डोप के मामले में पॉजिटिव नहीं आईं।"

क्या है आदेश?

एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल (ADDP) के आदेश के अनुसार, ठएथलीट और उनके वकील ने एनडीटीएल (राष्ट्रीय डोप जांच प्रयोगशाला) के जांच के नतीजे की रिपोर्ट से इनकार किए बिना कहा कि उन्होंने यह पदार्थ अनजाने में लिया था जो उनके फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह पर लिया गया था, जिनसे यह एथलीट नियमित रूप से सलाह लेती हैं।" इसमें आगे कहा गया, "एथलीट और उनके वकील ने प्रस्तुत किया कि यह फिजियोथेरेपिस्ट पुलेला गोपीचंद अकादमी का था जहां यह खिलाड़ी विशेष अनुमति के अंतर्गत ट्रेनिंग ले रही थीं।"

दुती के वकील ने यह भी कहा किया कि यह खिलाड़ी हाइपरएंड्रोजनिक से पीड़ित थी जिसके कारण उनके पेट में काफी तेज दर्द था जिसके लिए ही यह इलाज किया गया था। ADDP ने कहा कि एथलीट ने दवाई खरीदने के लिए अपने दोस्त की मदद ली जो इस मामले में गवाह भी हैं। इसके अनुसार, "ADDP के सुपुर्द किए गए दस्तावेज में दिए तथ्य और गवाह से पूछताछ में स्पष्ट विरोधाभास दिखता है। इसलिए गवाह द्वारा दिए गए बयानों की विश्वसनीयता में वैध चिंताएं उठ रही हैं।"

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