सऊदी अरब की सरकार, खाडी देशों में दुनिया की सबसे अमीर टी20 लीग शुरू करने की योजना में है। उसने इंडियन प्रीमियर लीग के मालिकों के सामने भी इस योजना प्रस्ताव रखा है। सऊदी अरब की सरकार आक्रामक रूप से कई कई खेलों में निवेश कर रही है। सऊदी अरब ग्रैंड प्रिक्स के साथ फार्मूला-1 रेस और LIV गोल्फ टुर्नामेंट शुरू करने के साथ अब उसका लक्ष्य क्रिकेट में मौजूद मौकों को भुनाना है। सऊदी की योजना दुनिया की सबसे अमीर टी-20 लीग शुरू करने की है। उसने इस योजना के साथ IPL मालिकों से संपर्क किया है और IPL 2023 के स्पॉन्सर के रूप में वह इससे जुड़ना भी चाह रहा है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मौजूदा नियमों के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी T20 लीग में भाग लेने की अनुमति नहीं है। सऊदी अरब सरकार के प्रतिनिधियों के अपने यहां T20-लीग शुरू करने के लिए BCCI को अपने नियम में बदलाव करने के लिए राजी करना पड़ सकता है।
द एज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब लीग के बारे में लगभग एक साल से बातचीत चल रही है। खाड़ी देशों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग शुरू करने के लिए उसे ऑस्ट्रेलिया सहित इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के सभी सदस्य देशों से मंजूरी लेनी होगी।
बता दें कि सऊदी अरब की सरकार ने दुनिया के कई प्रमुख खेलों और टुर्नामेंट में भारी निवेश किया है। हाल ही में सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड ने, प्रीमियम लीग के क्लब न्यूकैसल यूनाइटेज का अधिग्रहण किया है। सऊदी की अक्सर खेलों में निवेश के जरिए अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड को सफेद करने की कोशिश के लिए आलोचना की जाती है।
इससे पहले, ICC के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि फुटबॉल और F1 जैसे अन्य खेलों में पैसे लगाने के बाद, सऊदी अरब अब क्रिकेट में भारी निवेश करना चाहता है। बार्कले ने कहा, "यदि आप बाकी खेलों को देखें, जिसमें वे शामिल रहे हैं, तो मुझे लगता है कि क्रिकेट उनके लिए आकर्षक होगा।"