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कोरोना से मौत पर हर पीड़ित परिवार को मिलेगा 50,000 का मुआवजा, 30 दिनों के भीतर होगा भुगतान

50 हजार रुपए मुआवजा देने के केंद्र के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 04, 2021 पर 3:58 PM
कोरोना से मौत पर हर पीड़ित परिवार को मिलेगा 50,000 का मुआवजा, 30 दिनों के भीतर होगा भुगतान

कोरोना वायरस से मौत होने पर हर पीड़ित परिजनों को 50 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की इस योजना पर मुहर लगा दी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने गाइडलाइन जारी की। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे कोरोना से मरने वालों के परिवार के सदस्यों को 50,000 रुपये का भुगतान करने के लिए केंद्र के दिशानिर्देशों का पालन करें और सहायता राशि के लिए आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर भुगतान करें।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इस स्कीम का व्यापक प्रचार करने के लिए भी कहा। जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार को इस आधार पर 50,000 रुपये के लाभ से इनकार नहीं करना चाहिए कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर निधन का कारण कोविड -19 नहीं अंकित है और जिला अधिकारियों को मृत्यु के कारण को ठीक करने के लिए उपचारात्मक कदम उठाने चाहिए।

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पीठ में शामिल जस्टिस ए.एस. बोपन्ना ने कहा कि आदेश की तारीख के बाद होने वाली मौतों के लिए अनुग्रह सहायता प्रदान की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि शिकायत निवारण समिति मृतक मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कर सकती है और मुआवजे पर 30 दिनों के भीतर फैसला ले सकती है।

कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां मृत्यु प्रमाण पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं और परिवार के सदस्य उन पर उल्लिखित मृत्यु के कारण से परेशान हैं, तो वे समिति से संपर्क कर सकते हैं और प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि यह 50,000 रुपये की राशि केंद्र और राज्यों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत भुगतान की गई राशि से अधिक होगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से राज्यों द्वारा महामारी के कारण मरने वालों के परिवारों को 50,000 रुपये की अनुग्रह सहायता का भुगतान किया जाएगा।

गौरतलब है कि तीन सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 से जान गंवा चुके लोगों के परिवारों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश तय करने में देरी होने को लेकर नाखुशी प्रकट की थी। शीर्ष न्यायालय ने 30 जून को अपने फैसले में एनडीएमए को छह हफ्तों के अंदर अनुग्रह राशि के लिए दिशानिर्देशों की सिफारिश करने का निर्देश दिया था।

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