तमिलनाडु में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत, 50 से अधिक अस्पताल में भर्ती, NHRC ने भेजा नोटिस

Tamil Nadu Twin Hooch Tragedies: तमिलनाडु के विल्लुपुरम एवं चेंगलपट्टु जिलों में मंगलवार को चार और लोगों की मौत के बाद जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। अवैध शराब के सेवन से अब तक विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 14 और चेंगलपट्टु जिले के मदुरंथकम से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत के मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा है

अपडेटेड May 17, 2023 पर 2:12 PM
Tamil Nadu Twin Hooch Tragedies: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उन अस्पतालों का दौरा किया जहां जहरीली शराब का सेवन करने वाले 30 से अधिक पीड़ितों का इलाज चल रहा है

Tamil Nadu Twin Hooch Tragedies: तमिलनाडु के विल्लुपुरम (Villupuram) एवं चेंगलपट्टू (Chengalpattu) जिलों में मंगलवार को चार और लोगों की मौत के बाद जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। अवैध शराब के सेवन से अब तक विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 14 और चेंगलपट्टु जिले के मदुरंथकम से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने तमिलनाडु के विल्लुपुरुम और चेंगलपट्टु जिलों में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत के मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा है।

आयोग ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि जाहिर है कि राज्य सरकार अवैध या नकली शराब की बिक्री और खपत पर रोक लगाने में विफल रही है। NHRC ने मीडिया में आई इन खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है कि 12 मई से तमिलनाडु के विल्लुपुरम और चेंगलपट्टु जिलों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।

राज्य के अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 22 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है तथा 50 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बयान के मुताबिक, आयोग ने कहा है कि मीडिया में आई खबरें सही हैं तो यह लोगों के जीने के अधिकार का हनन है।


इसमें कहा गया कि आयोग ने तदनुसार, तमिलनाडु के मुख्य सचिव एवं DGP को नोटिस जारी किया है और चार हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने FIR, पीड़ितों के इलाज, मुआवजे के साथ-साथ घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।

पीड़ित परिवारों का बयान

मरक्कनम के निवासी करुप्पिया ने कहा कि शराब की बोतल सफेद रंग की होती है और वे निश्चित रूप से इसमें कुछ मिलाते हैं। यही कारण है कि मेरे रिश्तेदार का निधन हो गया। बता दें कि नकली शराब के उत्पादन के खिलाफ तमिलनाडु की लड़ाई बहुत लंबी है। एक के बाद एक आने वाली सरकारें राज्य को इस खतरे से मुक्त करने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है।

राज्य द्वारा संचालित दुकानों पर खुदरा बिक्री की तुलना में दिहाड़ी मजदूर भारी मात्रा में अवैध शराब पीते हैं। कई बार अवैध शराब विक्रेता बिक्री बढ़ाने के लिए ऑफर (दो खरीदो, एक मुफ्त पाओ) की घोषणा करते हैं। चेंगलपेट का पेरुंगरनई गांव 20 से अधिक परिवारों का घर है। गांव के निवासी छोटी झोपड़ियों में रहते हैं और ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं। जहरीली शराब के सेवन से चिन्ना थम्बी और उसकी सास की जान चली गई। मृतक चिन्ना थम्बी की पत्नी की मांग है कि अवैध तादाद बेचने वाले सभी लोगों को फांसी दी जाए।

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सोमवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उन अस्पतालों का दौरा किया जहां अवैध रूप से निर्मित शराब का सेवन करने वाले 30 से अधिक पीड़ितों का इलाज चल रहा है। तमाम दुखद घटनाक्रमों के बीच पुलिस विभाग के प्रति लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पीड़ितों के रिश्तेदार इस बात से नाराज हैं कि पुलिस ने अवैध निर्माण और शराब के वितरण की सुविधा प्रदान करने में मदद की।

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