दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल का दीदार करने के लिए सैलानियों को अब लंबा इंजतार करना पड़ेगा। पहले ताजमहल को 6 जुलाई सोमवार से ताजमहल खोलने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन शहर मे बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे नहीं खोलने का फैसला लिया है। जिले के तीनों ऐतिहासिक स्मारकों फतेहुपर सीकरी, ताजमहल, आगरा का किला को नहीं खोलने का फैसला लिया गया है।

दरअसल, आगरा में पिछले 4 दिन में 55 नए मामले सामने आए हैं। आगरा के तीनों ऐतिहासिक स्मारक बफर जोन में आते हैं। मौजूदा समय में आगरा में 71 कन्टेनमेंट (containment) जोन हैं। जिसकी वजह से ताजमहल को दोबारा खोलने के लिए विचार विमर्श किया गया। क्योंकि ताजमहल को देखने के लिए भीड़ इकट्ठा होगी। लिहाजा लोगों सुरक्षित रखने के लिए इसे नहीं खोला जाएगा।

यूनियन कल्चर मिनिस्टर (Union Culture Minister) प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) ने 6 जुलाई से देश के सभी संरक्षित स्मारकों को फिर से खोलने की घोषणा की थी। इसके लिए पुरातत्व विभाग (Archaeological Survey of India) ने तीनों स्मारक खोले जाने के बारे में गाइडलाइन भी जारी कर दी थी। जिसके बाद से आगरा में जिला प्रशासन ने स्मारकों को खोलने के लिए मीटिंग करना शुरू कर दिया। जिलाधिकारी ने पुरातत्व विभाग के साथ मीटिंग की, जिसमें तय किया गया कि ताजमहल अभी बफर जोन में आता है, लिहाजा अभी खोलना उचित नहीं होगा। बता दें कि सरकार की गाइडलाइंस में भी अंतिम फैसला जिलाधिकारी को ही लेना है। ताजमहल एरिया के आसपास कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन दोनों हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने आगरा की परिस्थितियों को देखते हुए ताज महल को नहीं खोलने का फैसला लिया गया। 

बता दें कि ताजमहल को 17 मार्च से बद कर दिया गया था। इसके बाद देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। हालांकि आगरा में होटल खोले जाने की मंजूरी दे दी गई थी। लेकिन ताजमहल नहीं खुलने से होटल का बिजनेस नहीं चल रहा था।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।