महाराष्ट्र (Maharashtra) के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने बुधवार को कहा कि Covid-19 महामारी की तीसरी लहर (Third Wave) दिसंबर में आने की उम्मीद है, लेकिन इसका असर हल्का होगा। टोपे ने कहा कि थर्ड वेव पीरियड के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन और ICU बेड की जरूरत नहीं होगी।
Covid-19 के मौजूदा हालात के बारे में टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में 80 प्रतिशत नागरिकों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। वर्तमान में संक्रमण का स्तर और मृत्यु दर कम है।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को कहा था कि राज्य में पिछले 24 घंटों में Covid-19 के 766 मामले आए और 19 लोगों की मौत हुई। राज्य में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या लगातार तीसरे दिन 10,000 से नीचे रही। महाराष्ट्र में मंगलवार तक संक्रमण के कुल 66,31,297 मामले आए हैं। टोपे ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी की पहली लहर सितंबर 2020 में और दूसरी लहर अप्रैल 2021 में आई थी।
टोपे ने कहा कि उन्होंने पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की थी और स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स, वरिष्ठ नागरिकों और संक्रमण के लिहाज से कमजोर वर्गों के लिए टीके की बूस्टर खुराक देने को लेकर केंद्र की अनुमति मांगी थी।
संक्रमण से बचाव के लिए 12 से 18 साल के बच्चों-किशोरों को टीका लगाने की भी मांग की थी। टोपे ने कहा, 'मांडविया ने कहा कि वह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और अवगत कराएंगे।'
वहीं AIIMS, दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मंगलवार को कहा था कि देश में कोविड की पहली दो लहर की तुलना में उतनी ही तीव्रता वाली तीसरी लहर आने की आशंका नहीं है।
गुलेरिया ने कहा कि इस समय संक्रमण के मामलों में इजाफा नहीं होना दर्शाता है कि वैक्सीन अब भी वायरस से सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं और फिलहाल तीसरी बूस्टर खुराक की कोई जरूरत नहीं है।
साथ ही हेल्थ एक्सपर्टस ने भी कहा है कि दूसरी लहर की तरह विनाशकारी तीसरी लहर की आशंका नहीं है और संभवत: दिसंबर आखिर से फरवरी के बीच मामले बढ़ सकते हैं, लेकिन प्रभाव हल्का होगा।