TMC से अलग हुए गुट में मतभेद! NCPI के तीन सांसदों ने NDA की 'मंगल मिलन' बैठक से बनाई दूरी

TMC Rebel MP News: नेशनल कांग्रेस प्रोग्रेसिव इनिशिएटिव (NCPI) के तीन लोकसभा सांसदों ने मंगलवार 4 अगस्त को NDA संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक में दूसरी बार हिस्सा नहीं लिया। इससे BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ नजदीकी को लेकर TMC से अलग हुए 20 सदस्यों वाले गुट के भीतर स्पष्ट मतभेद सामने आए हैं

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 12:14 PM
TMC Rebel MP News: नेशनल कांग्रेस प्रोग्रेसिव इनिशिएटिव (NCPI) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं

TMC Rebel MP News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर बने नेशनल कांग्रेस प्रोग्रेसिव इनिशिएटिव (NCPI) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों के नेताओं ने मंगलवार (4 अगस्त) को सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए NCPI के 20 सांसदों में से तीन सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे गठबंधन के साथ उनके जुड़ाव को लेकर मतभेद के संकेत मिल रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान और बहरामपुर से यूसुफ पठान इससे पहले 21 जुलाई को हुई NDA संसदीय दल की पहली 'मंगल मिलन' बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। खान ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, "हम NDA के साथ नहीं हैं और न ही BJP में शामिल हो रहे हैं। आज भी NDA की बैठक थी, लेकिन हम तीनों उसमें नहीं गए। हालांकि, मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे क्योंकि वह मेरे संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी है। मुसलमानों के खिलाफ किसी भी कदम का हम समर्थन नहीं करेंगे।’’

इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मंगलवार को संसद भवन पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन तीन सांसदों ने अपने मतदाताओं के एक वर्ग द्वारा BJP के साथ उनकी कथित निकटता पर सवाल उठाए जाने के बाद NDA की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।


तीन सांसदों की अनुपस्थिति क्यों है अहम?

इन तीन सांसदों की अनुपस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लोकसभा में 20 सदस्यीय एनसीपीआई समूह को मान्यता देने का मामला अभी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के समक्ष लंबित है। दल-बदल रोधी कानून के तहत इस अलग हुए समूह को तभी संरक्षण मिल सकता है, जब उसके पास तृणमूल कांग्रेस के मूल 28 लोकसभा सांसदों में से कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन हो। एनसीपीआई के सदन के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी मंगलवार को पहली बार NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए।

बंद्योपाध्याय ने कहा, "मैं देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हूं। एनसीपीआई में सभी एकजुट हैं। यह अच्छा अनुभव है।" उन्होंने असंतुष्ट सांसदों के बीच मतभेद की अटकलों को भी खारिज किया। संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में BJP अध्यक्ष नितिन नबीन प्रधानमंत्री मोदी के बगल में बैठे नजर आए। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब एक दिन पहले बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में BJP उम्मीदवार को चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर से हार का सामना करना पड़ा था।

ये भी पढ़ें- President Special Train: एक ट्रेन आगे, एक पीछे.. साथ में अल्ट्रा-लग्जरी प्राइवेट सलून! जानिए कैसी होती है 'प्रेसिडेंट स्पेशल' ट्रेन जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की यात्रा

BJP का गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में उपचुनाव इसलिए ज़रूरी हो गया था क्योंकि नवीन ने पार्टी अध्यक्ष बनने और राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद सीट छोड़ दी थी। NDA के सहयोगी दल JDU, JDS, NCP, शिवसेना और एनसीपीआई के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।