एक तरफ दिल्ली के किसान कृषि कानून के विरोध और एमएसपी की गारंटी के लिए दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के किसानों के लिए टमाटर बुरे दिन लेकर आया है। टमाटर की बंपर पैदावार से टमाटर की कीमतें बहुत नीचे आ गई हैं जिससे किसानों का खासा नुकसान हो रहा है। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके में टमाटर की थोक कीमतें घटकर 30 से 70 पैसे प्रति किलो तक पहुंच गयी हैं। इससे किसानों की हालत खराब है और उन्होंने स्थानीय मंडी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है।
आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके में टमाटर के लिए प्रसिद्ध बाजार पाथीकोंडा एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी (APMC) में गुरुवार को टमाटर की थोक कीमतें 1 रुपये से कम तक पहुंच गई हैं। यहां किसानों को एक किलो टमाटर का रेट 30-70 पैसे तक मिल रहा है। इसको लेकर किसानों ने मंडी के अधिकारियों और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। इन किसानों का कहना है कि अगर हमारी फसल कौड़ी के भाव बिकेगी तो हमारा गुजारा कैसे हो पाएगा।
राज्य के अनंतपुर और कुर्नूल के किसानों का दावा है कि उन्होंने टमाटर उगाने और कीटनाशक आदि पर प्रति एकड़ 30 हजार रुपये खर्च किये हैं। इसके अलावा उन्हें मंडी तक टमाटर लाने के लिए वाहन का भाड़ा भी देना पड़ता है, तो जाहिर है किसानों की लागत भी नहीं वसूल हो पा रही। किसानों का कहना है कि बाजार में टमाटर 30 रुपये और इससे भी महंगा बिक रहा है, जबकि हमें एक किलो के बदले 30 पैसे मिल रहे हैं। इससे उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है।
किसानों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी हालत में भला वे अपने परिवार को पेट कैसे पाल सकते हैं। इस हालत के लिए मंडी के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। लेकिन मंडी प्रबंधकों का कहना है कि गुरुवार को अचानक मंडी में 150 टन टमाटर आ गया, जिसकी वजह से कीमतें काफी नीचे आ गयीं।