उत्तर प्रदेश के बहराइच में इन दिनों लोग भेड़िये के खौफ के साए में जी रहे हैं। सरकार ने भेड़िया ऑपरेशन भी शुरू किया है। लेकिन यह जंगली जानवर जिले में 10 लोगों को निवाला बना चुका है। जंगली जानवरों को भारत में बहुत कम पाला जाता है। वहीं दुनिया में कई ऐसे जानवर हैं, जिन्हें लोग पालते हैं। इनमें सबसे ऊपर हैं कुत्ते और बिल्लियां। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो हाथी और घोड़े भी पालते हैं। जबकि कुछ लोग तो खूंखार जानवरों को भी पाल लेते हैं। अमेरिका में बहुत से लोग चीता पालते हैं।
अमेरिका के कई ऐसे राज्य हैं, जहां दुनिया के खूंखार जानवरों को पाला जाता है। इनमें शेर और चीता शामिल हैं। यही नहीं यहां पर जंगलों से ज्यादा लोगों के घरों में जंगली जानवर आपको देखने को मिले जाएंगे। अमेरिका के कई राज्यों में इसे अच्छा तो नहीं माना गया है लेकिन इन्हें पालने पर भी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। इधर दुबई में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने शेर, बाघ और तेंदुए जैसे खूंखार जानवरों को पाला हुआ है। उनके साथ खेलते-कूदते रहते हैं।
संयुक्त अरब अमीरात में एक से बढ़कर एक पैसे वाले लोग वहां रहते हैं। उनकी रईसी को जानने के लिए महंगी गाड़ी या बंगला नहीं देखा जाता है, बल्कि उनके घर पर शेर और चीते देखे जाते हैं। ये लोग शेर और चीतों के साथ वॉक पर जाते हैं। अक्टूबर 2016 में दुबई के एक बीच में कारों के काफिले के साथ 5 चीतों की तस्वीर सामने आई थी। ये चीते पालतू थे। अपने मालिकों के साथ यहां पर लग्जरी कार में सवार होकर आए थे। साल 2017 की शुरुआत में यूएई में हर तरह के जंगली जानवरों को घरों में रखने पर रोक लगा दी गई थी। इन जानवरों को चिड़ियाघर नेशनल पार्क्स, सर्कस या फिर रिसर्च सेंटर में रखने की इजाजत थी। वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत घर में इन जानवरों को रखने पर एक करोड़ से ज्यादा का जुर्माना या 6 महीने की जेल या फिर दोनों हो सकती है।
पाकिस्तान में पहले के समय शेर और चीते पालने का बड़ा चलन था। राजनेता और बड़ी-बड़ी हस्तियां अक्सर शेर चीतों के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डालते रहते थे। लेकिन साल 2009 में नवाज शरीफ के भांजे सलमान शाहबाज ने सरकार से इजाजत मांगी थी। जिसके बाद देशभर में बवाल मचा था और शेर पालने पर रोक लग गई थी। इतना ही नहीं कन्वेंशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेजर्ड स्पीशीज ने भी इस मामले में दखल दी थी। जिसके बाद सभी लोगों को अपने घरों में रखे पालतू जानवरों को चिड़ियाघर भेजना पड़ा था।
अमेरिका में शेर जंगली कम, पालतू ज्यादा
अमेरिका के भी कई राज्यों में एग्जॉटिक जानवर पाले जाते हैं। इसमें चीते से लेकर सेल्वाडोर तक शामिल हैं। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के करीब 12 राज्यों में 5,000 ज्यादा चीते घरों में हैं। वहीं वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड के मुताबिक जंगलों में रहने वाले बाघों की संख्या घटकर 4,000 से कम हो गई है। कहने का मतलब ये हुआ कि जंगलों में शेर चीता कम, बल्कि घरों में ज्यादा है। लोमड़ी में घरों में पाल सकते हैं। इसके खिलाफ कोई नियम नहीं है।
भारत में बाघ और शेर को बिना कानूनी मंजूरी के नहीं पाला जा सकता है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत इन जानवरों को निजी तौर पर पालने की मंजूरी नहीं दी गई है।