अतुल सुभाष को आखिर किसने मारा? क्या उसने भ्रष्ट सिस्टम के सामने दम तोड़ दिया, ऐसे बहुत से सवाल सोशल मीडिया में गूंज रहे हैं। लेकिन अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए और न ही ऐसे जवाब कभी सामने आएंगे। लेकिन अतुल सुभाष की मौत को हमेशा लोग याद रखेंगे। दरअसल, बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले 34 साल के AI इंजीनियर अतुल सुभाष ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली है। वो उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। अतुल 24 पेज का सुसाइड नोट और 90 मिनट का एक वीडियो भी भ्रष्ट सिस्टम को दे गए हैँ। इस वीडियो में अतुल ने अपनी पत्नी और उसके परिजनों और जज रीता कौशिक के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाई है।
अतुल ने फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने वीडियो में बताया है कि जब उन्होंने कोर्ट में आत्महत्या की बात की थी तो जज को इस पर हंसी आ रही थी। इतना ही नहीं, उन्होंने केस को सेटल करने के लिए उनसे 5 लाख रुपये के रिश्वत की मांग की थी।
पेशकार और जज पर लगे घूस के आरोप
अतुल ने पत्नी के साथ ही महिला जज पर भी उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। अतुल ने कहा कि को4ट में तारीख के लिए भी पेशकार को घूस देनी पड़ती है। साल 2022 में पेशकार के जरिए उनसे 3 लाख रुपये के रिश्वत की मांग की गई थी। अतुल ने बताया कि घूस देने से मना कर दिया था। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ एलिमनी और मेंटिनेंस का आदेश जारी कर दिया था। जिसके तहत उन्हें हर महीने अपनी पत्नी को 80,000 रुपये देने का फैसला सुनाया गया। अतुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक ने उन पर 3 करोड़ मेंटिनेंस देने का दबाव बनाया था।
महिला जज ने अतुल से मांगे 5 लाख रुपये
अतुल ने बताया कि कोर्ट में पत्नी को बाहर करके जज ने उनसे अकेले में बात की। फिर 5 लाख रुपये खुद के लिए रिश्वत के तौर मांग की थी। उन्होंने कहा कि वह 5 लाख रुपये उन्हें दे। वह केस को दिसंबर 2024 में ही सेटल कर देंगी। अतुल सुभाष ने अपने वीडियो में जज पर ऐसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्नी ने सुसाइड के लिए उकसाया
अतुल सुभाष ने वीडियो में बताया कि कोर्ट में जज के सामने उन्होंने कहा कि इन लोगों ने (पत्नी निकिता सिंघानिया और परिवार ने) कई इल्जाम मेरे और मेरे परिवार पर लगाए हैं। मुझे मेरे बच्चे से नहीं मिलने दिया जा रहा है। ये खुद घर छोड़कर गई है। मुझे और मेरी फैमिली को तंग कर रही है। मुझे बेंगलुरु से जौनपुर आना पड़ता है। इस पर जज ने जवाब दिया, क्या हो गया केस डाल दिया तो। तुम्हारी पत्नी है।
अतुल ने बताया कि इस पर उन्होंने जज से कहा कि आप अगर एनसीआरबी का डेटा देखो तो लाखों आदमी फाल्स केसेज की वजह से सुसाइड कमिट कर रहे हैं। इस पर निकिता ने जवाब दिया कि तो तुम भी सुसाइड क्यों नहीं कर लेते? अतुल ने आगे बताया कि यह सुनकर जज को हंसी आ गई।
जानिए आखिर कौन हैं जज रीता कौशिक
बता दें कि रीता कौशिक फिलहाल जौनपुर में प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट की जज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रीता का जन्म 1 जुलाई 1968 को मुजफ्फरनगर में हुआ था। रीता कौशिक ने 20 मार्च 1996 में मुंसिफ के तौर पर अपने न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। 1999 में वह सहारनपुर में जूडिशल मैजिस्ट्रेट रहीं। 2000-2002 तक उन्होंने मथुरा में अडिशनल सिविल जज की जिम्मेदारी संभाली। मथुरा ही में वह सिविल जज बन गईं। 2003 में उनका ट्रांसफर अमरोहा हो गया, जहां वह सिवल जज (जूनियर डिविजन) के तौर पर तैनात रहीं।
साल 2003 से 2004 तक लखनऊ में स्पेशल सीजेएम रहीं। इसके बाद प्रमोट होकर अडिशनल चीफ जूडिशल मैजिस्ट्रेट बन गईं। वह अयोध्या में भी डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज रहीं। इसके बाद साल 2018 में वह पहली बार अयोध्या में ही फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज बनाई गईं थी। साल 2022 तक वह अयोध्या में तैनात रहीं। इसके बाद उनका ट्रांसफर जौनपुर में हो गया। तब से वह यहीं पर फैमिली कोर्ट में प्रिंसिपल जज के तौर पर काम कर रही हैं।