दुनिया के सबसे बड़े एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक बायजू (BYJU’s) ने तय किया है वह अगले एक साल तक टीम इंडिया की जर्सी का स्पॉन्सर बना रहेगा। भारतीय टीम के साथ बायजू का हुआ करार आईपीएल 2022 की शुरुआत से ठीक पहले मार्च 2022 में समाप्त हो रहा था, लेकिन अब कंपनी ने बोर्ड के साथ मिलकर 18 महीने यानी 2023 के आखिरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह करार लगभग 55 मिलियन अमेरिकी डॉलर में हुआ है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की अपेक्स काउंसिल की मीटिंग हुई थी, जिसमें बेंगलुरु स्थित देश की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप कंपनी BYJU's को टीम की जर्सी का स्पॉन्सर बनाए रखने का फैसला लिया गया।
बायजू साल 2019 में पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी का प्रायोजक बना था, तब उसने चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी OPPO की जगह यह स्थान हासिल किया था। तब उसने सितंबर 2019 में BCCI से यह करार हासिल किए थे। OPPO को उस वक्त यह डील 31 मार्च 2022 तक के लिए मिली थी, लेकिन ढाई साल बाद चीनी कंपनी ने बायजू को यह करार ट्रांसफर कर दिए थे।
भारतीय टीम 1993 से अपनी जर्सी पर किसी न किसी मशहूर ब्रांड का लोगो लगाकर खेल रही है। पहली बार टीम इंडिया का विल्स (Wills) किट स्पॉन्सर बना था। उसका पहला करार 1993 से लेकर 1996 तक रहा। इसके बाद उसने 1999 से 2001 के लिए दूसरी बार यह करार हासिल कर लिया, जो साल 2001-02 तक स्पॉन्सर बना रहा।
फिर साल 2002 से सहारा इंडिया परिवार BCCI से जुड़ा और वह अभी तक सबसे लंबे समय तक किट स्पॉन्सर रह। वह 2002 से 2013 तक यानी 11 सालों तक भारतीय टीम की जर्सी का प्रायोजक बना रहा। इसके बाद अगले 4 सालों के लिए स्टार इंडिया ने यह अधिकार हासिल कर लिए किए और फिर OPPO के साल 2022 तक के लिए ये अधिकार मिले, जिसे उसने पूरा नहीं किया और अपने ये अधिकार बायजू को सौंप दिए थे।
विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाली और बायजू के स्वामित्व वाली कंपनी आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (एईएसएल) को इस साल 60 से 70 फीसदी वृद्धि हासिल होने की उम्मीद है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बाजार मांग, नियुक्तियों, नए केंद्रों और छात्रों की संख्या में इजाफे को देखते हुए जो कारोबारी माहौल बना है, उसके मद्देनजर हम यह वृद्धि हासिल कर सकते हैं।