Chennai News: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (Chennai) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां पिछले दो वर्षों में दो बार NEET परीक्षा में असफल होने के बाद निराश एक 19 वर्षीय युवक ने खुदकुशी कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या करने वाले अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने के कुछ घंटों बाद पिता ने भी रविवार को चेन्नई के क्रोमपेट इलाके में अपने घर में फांसी लगा ली। 19 वर्षीय एस जगतेश्वरन ने 2022 में 12वीं कक्षा पूरी की। तब से वह दो बार नीट परीक्षा में शामिल हुआ, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने हाल ही में खुदकुशी कर ली। फिर दो दिन बाद पिता ने भी अपने जान दे दी।
युवक के पिता सेल्वाशेखर ने कथित तौर पर रविवार दोपहर को यह कदम उठाया जब वह घर पर अकेले थे। उनका शव कमरे में लटका हुआ पाया गया। उनके पड़ोस में रहने वाले लड़के उनको अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि लड़के ने यह कदम इसलिए उठाया, क्योंकि वह दो बार परीक्षा पास न कर पाने से निराश था।
वहीं, अपने बेटे का गम बर्दाश्त नहीं कर पाने के कारण सेल्वाशेखर ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जेगादेश्वरन के अंतिम संस्कार के बाद घर लौटने के बाद उनके पिता ने आधी रात में फांसी लगा ली।
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने नीट संबंधी छूट से जुड़े तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव पर राज्यपाल आर एन रवि की कथित टिप्पणी का जिक्र करते दावा किया कि कुछ महीनों में राजनीतिक बदलाव होने पर नीट द्वारा खड़ी की गई बाधाएं ढह जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैं हस्ताक्षर नहीं करूंगा, फिर वे गायब हो जाएंगे।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने कहा था कि वह तमिलनाडु सरकार के नीट विरोधी विधेयक को कभी मंजूरी नहीं देंगे। इस विधेयक को अभी राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली है। स्टालिन ने एक बयान में कहा कि मैं छात्र जगतेश्वरन और उसके पिता सेल्वाशेखर की मौत की घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने कामना की कि नीट के कारण अब और किसी की मौत नहीं हो।
सीएम ने कहा कि मैं नहीं जानता कि जेगदीश्वरन के परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को कैसे सांत्वना दूं। यह भयानक है कि एक प्रतिभाशाली छात्र जिसने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, वह अब एनईईटी आत्महत्याओं की सूची में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री ने किसी भी परिस्थिति में अतिवादी कदम नहीं उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मैं सभी छात्रों से कह रहा हूं कि किसी भी स्थिति में किसी को भी अपनी जान नहीं गंवानी चाहिए। हम निश्चित रूप से NEET को हटा सकते हैं जो आपके लक्ष्यों में बाधा है। सीएम ने कहा कि तमिलनाडु सरकार काम कर रही है और इस दिशा में कानूनी कदम उठा रही है।