बिलासपुर: लाखों रुपए से बनी सड़क हो गई गायब! ये चमत्कार या भ्रष्टाचार?

Chhattisgarh Bilaspur News: ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी और सरपंच एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में व्यस्त हैं। इस गांव में सड़क के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद अब भी ग्रामीणों को दलदल भरी खराब सड़कों पर चलना पड़ रहा है

अपडेटेड Oct 18, 2024 पर 6:40 PM
बिलासपुर: लाखों रुपए से बनी सड़क हो गई गायब! ये चमत्कार या भ्राष्ट्राचार?

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत चिल्हाटी में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लाखों की लागत से बनी सीसी रोड ही गायब हो गई है! वो भी ऐसा कि मानो कभी सड़क बनाई ही न गई हो। ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी और सरपंच एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में व्यस्त हैं। इस गांव में सड़क के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद अब भी ग्रामीणों को दलदल भरी खराब सड़कों पर चलना पड़ रहा है।

भारी वाहनों ने सड़क को किया खराब या भ्रष्टाचार का खेल?

सरपंच और अधिकारियों का कहना है कि मंडी से गुजरने वाले भारी वाहनों की वजह से सड़क टूट गई। SDO अमित बंजारे ने दावा किया कि 12 से 15 लाख रुपए की लागत से बनी 500-600 मीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता निर्माण के समय जांची गई थी और वो सही पाई गई थी, लेकिन अब सड़क की हालत यह है कि मानो कभी सड़क बनी ही न हो। सब इंजीनियर अभिषेक भारद्वाज का कहना है कि धान मंडी से भारी गाड़ियों की आवाजाही से सड़क टूट गई।


ग्रामीणों के आरोप: सरपंच और अधिकारियों की मिलीभगत

ग्रामीण सुरेश यादव ने आरोप लगाया कि सरपंच और अधिकारियों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में भारी घोटाला हुआ है। न सिर्फ सड़क तय लंबाई से कम दूरी तक बनी, बल्कि जो सड़क बनी वो भी घटिया सामग्री से बनाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद उखड़ने लगी थी, जो घटिया सामग्री के इस्तेमाल का साफ संकेत है।

मंडी से भारी वाहनों का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?

गांव वाले पूछ रहे हैं कि जब पहले से ही पता था कि इस सड़क से मंडी की भारी गाड़ियां गुजरेंगी, तो निर्माण के समय इसे टिकाऊ क्यों नहीं बनाया गया? प्रशासन और सरपंच का अब यह दावा करना कि भारी वाहनों की वजह से सड़क टूटी हो, तो ये केवल अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश है।

सड़क को पकने का समय नहीं मिला!

इस मामले में SDO अमित बंजारे ने कहा कि निर्माण के समय सड़क की गुणवत्ता सही थी, लेकन इसे "पकने" का समय नहीं मिला। अब सवाल ये उठता है कि अगर सड़क सही ढंग से नहीं बनी थी, तो उसकी गुणवत्ता कैसे जांची गई और वो ठीक कैसे निकली?

निष्पक्ष जांच की मांग

गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने बताया कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस तरह के भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी रहेगा।

सरपंच की ओर से अब मंडी समिति से सड़क को फिर से बनवाने की मांग की गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सच में होगा या फिर यह भी सिर्फ एक और वादा बनकर रह जाएगा?

Viral Video: हाथी को देखते ही जंगल के राजा शेरों की हवा टाइट, भैंस का शिकार छोड़ भाग खड़े हुए

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।