Diabetes: मूंग के सेवन से कंट्रोल रहेगा Blood Sugar, कोलेस्ट्रॉल भागेगा दूर

Diabetes: मूंग दाल सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। देश के सभी हिस्सों में इसका सेवन किया जाता है। डॉक्टर्स भी सेहतमंद रहने के लिए रोजाना स्प्राउट खाने की सलाह देते हैं। मूंग में फाइबर प्रोटीन फ्लेवोनोइड्स फेनोलिक एसिड कार्बनिक एसिड अमीनो एसिड कार्बोहाइड्रेट और लिपिड पाए जाते हैं। डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए यह किसी रामबाण से कम नहीं है

अपडेटेड Jun 26, 2023 पर 11:00 AM
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Diabetes: मूंग दाल को आयुर्वेद में मूंगडा कहा जाता है। इसका मतलब आनंद और खुशी लाने वाला होता है

Diabetes: देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इसकी मुख्य वजह खराब खानपान और गलत लाइफस्टाइल है। इस बीमारी से न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा भी तेजी से चपेट में आ रहे हैं। ये एक ऐसी बीमारी से जिसे खत्म करना बेहद मुश्किल है। हालांकि सही खानपान से आप इसे कंट्रोल जरूर कर सकते हैं। कई ऐसे फूड हैं जो शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। उनमें से एक मूंग दाल भी है। मूंग दाल, इसे सबसे ज्यादा हेल्दी माना जाता है। यहां तक कि आयुर्वेद ने इसे 'क्वीन ऑफ पल्सेस' बताया है।

मूंगदाल को खाना सेहतमंद माना जाता है। इसकी वजह ये है कि इसमें बड़ी मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिसमें फ्लेवोनोइड्स, फेनोलिक एसिड, कार्बनिक एसिड, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और लिपिड जैसे पोषक तत्व शामिल है। इसके अलावा, मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक, एंटीहाइपरटेंसिव और एंटीट्यूमर गुण पाए जाते हैं। इससे कई बीमारियां कोसों दूर रहती हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण है मूंग


मूंग दाल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। डाइट चार्ट की मानें तो मूंग दाल में 38 ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स मापने की वह प्रक्रिया है, जिससे यह पता चलता है कि कार्बोहाइड्रेट से कितने समय में ग्लूकोज़ बनता है। मूंग दाल शुगर कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती है। आप लंच या डिनर में मूंग दाल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा अंकुरित मूंग सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। मूंग को रात भर पानी में भिगोकर रख दें। फिर इसे पानी से निकाल कर कॉटन के कपड़े में बांध कर कुछ घंटों से लिए छोड़ दें। ताकि ये अंकुरित हो जाए। हर सुबह इस तरह अंकुरित मूंग खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है।

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बैड कोलेस्ट्रॉल भागेगा दूर

मूंग की दाल में कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला प्रभाव होता है। ऐसे में मूंग दाल खून में बढ़ रहे एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का काम करती हैं।

मूंग से त्वचा में आता है निखार

मूंग का पाउडर और फेस पैक के रूप में लगाने से त्वचा में चमक आती है। इसके साथ ही यह दाल मुंहासे, एक्जिमा और खुजली से भी राहत दिलाने का काम करता है।

मूंग से मोटापे की होगी छुट्टी

मूंग दाल शरीर में बढ रहे फैट को कम करने में मदद मिलती है। मूंग दाल फाइबर और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से हंगर हार्मो प्रभावित होता है, जो भूख को कंट्रोल करता है। इससे ओवर डाइटिंग के वजह से होने वाले मोटापे को कंट्रोल किया जा सकता है।

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