Forex Trading Scam: फॉरेक्स ट्रे़डिंग को लेकर धोड़ाधड़ा का एक बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में QFX ट्रेड लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की है और 30 से अधिक बैंक खातों में 170 करोड़ रुपये से अधिक फ्रीज किए हैं। इसके अलावा तलाशी में ईडी को 90 लाख रुपये से अधिक की नकदी भी मिली है। यह पूरा मामला मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने से जुड़ा है। इस मामले में सामने आया कि यॉर्करएफएक्स (YorkerFx) और बॉटब्रो (BotBro) का फाउंडर और सीईओ लविश चौधरी लोगों को तगड़े रिटर्न के नाम पर चूना लगा रहा था। इसकी सभी योजनाएं एमएलएम पिरामिड मॉडल पर थीं। बता दें कि जब QFX के खिलाफ हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने केस दर्ज किया तो इसका नाम बदलकर यॉर्करएफएक्स (YorkerFx) कर दिया गया और धोखाधड़ी जारी रही।
ED ने 11 फरवरी को शुरू की थी तलाशी
पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट), 2002 के तहत ईडी, चंडीगढ़ जोनल ऑफिस ने इस मामले में दिल्ली, नोएडा, रोहतक और शामली में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान ईडी को 90 लाख रुपये से अधिक की नकदी मिली, कई डॉक्यूमेंट्स मिले और डिजिटल डिवाइसेज भी जब्त किए हैं। इसके अलावा 30 से अधिक खातों में 170 करोड़ रुपये से अधिक फ्रीज कर दिए गए हैं।
लविश चौधरी ने तीन प्रकार के अकाउंट पेश किए थे जिसमें से स्टैंडर्ड अकाउंट में 100-499 डॉलर के निवेश पर हर महीने 15 फीसदी तक के मुनाफे, 500-1999 डॉलर के निवेश वाले क्लासिक अकाउंट में 25 फीसदी तक और 2000 डॉलर से अधिक के निवेश वाले प्रीमियम अकाउंट वाले में हर महीने 50 फीसदी तक के मुनाफे का लालच दिया गया। बॉटब्रो को कंपनी ने जो विज्ञापन जारी किया था, उसके मुताबिक इसमें 25 अप्रैल 2025 को TLC 2.0 लॉन्च करने की बात कही गई जोकि कि एक क्रिप्टोक्वॉइन के समान है। इसके लिए ICO (इनीशियल क्वॉइन ऑफरिंग) 6 फरवरी को खुला और 2 डॉलर के भाव पर। इनमें दावा किया गया था कि एआई रोबोट्स के जरिए ट्रेडिंग होगा और तगड़ी कमाई होगी।