Weather Updates-Heatwave: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में पड़ रही चिलचिलाती गर्मी से लोग बेहाल हैं। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रविवार को भीषण गर्मी तथा लू का प्रकोप रहा। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के मुंगेशपुर में पारा 49.2 डिग्री सेल्सियस को पार गया।
वहीं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ में अधिकतम तापमान 49.1 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पारा 48.4 डिग्री दर्ज किया गया जबकि जफरपुर, पीतमपुरा और रिज में तापमान क्रमश: 47.5 डिग्री, 47.3 डिग्री और 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सफदरजंग वेधशाला (Safdarjung observatory) में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। वहीं, शुक्रवार को वहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा था।
27 मई 2020 को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शहर के आयानगर, पालम और लोधी रोड वेधशाला में तापमान में वृद्धि देखी गई। इन वेधशालाओं में अधिकतम तापमान क्रमश: 46.8 डिग्री, 46.4 डिग्री और 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी के सभी मौसम केंद्रों में लू दर्ज की गई। दिल्ली के पास स्थित हरियाणा के गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 48.1 डिग्री दर्ज किया गया जो 10 मई 1966 के 49 डिग्री सेल्सियस के बाद सर्वाधिक है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा में मंगलवार को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। IMD ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। दिल्ली में वर्ष 1951 के बाद से इस बार अप्रैल सर्वाधिक गर्म रहा। इस साल अप्रैल में औसतन अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अप्रैल के आखिर में लू की वजह से शहर के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 46 से 47 डिग्री तक पहुंच गया था।
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है। IMD के मुताबिक, अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री होने और कम से कम सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक तापमान होने पर लू की घोषणा की जाती है। गंभीर लू घोषित करने के लिए अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 6.4 डिग्री अधिक होना चाहिए।
हीटस्ट्रोक की स्थिति में क्या करें?
यही कोई व्यक्ति भीषण गर्मी की वजह से बेहोश होकर गिर जाता है तो तुरंत 109 या 102 पर तुरंत कॉल करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को फौरन ठंडे स्थान पर ले जाएं। उसके त्वचा या कपड़ों को ठंडे पानी से धो दें। तापमान बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त पसीने को अपने आप ठंडा होने देता है। जैसे-जैसे आपका तापमान बढ़ता है, आपके गुर्दे अतिरिक्त पसीने से निपटने के लिए संघर्ष करना शुरू कर देते हैं। इसके बाद शरीर में थकान शुरू होने लगती है। पसीने के माध्यम से सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का मतलब है कि आपकी मांसपेशियों में ऐंठन होने लगेगी। अधिक पानी पीने से इसका समाधान हो सकता है।
हीटवेव से कैसे करें खुद का बचाव
गर्मी से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहें। यानी प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीना, यात्रा के दौरान पीने का पानी ले जाना, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और घर में बने पेय जैसे नींबू पानी, छाछ, कुछ नमक के साथ फलों के रस का उपयोग करना शामिल है। पतले, ढीले, सूती कपड़े पहनकर ढके रहें, धूप के दौरान अपने सिर को ढकें और धूप में बाहर जाते समय जूते या चप्पल पहनें। जितना हो सके घर के अंदर रहें, और बाहरी गतिविधियों को दिन के ठंडे समय (सुबह और शाम) तक सीमित और पुनर्निर्धारित करें।