Gyanvapi Mosque: वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे पूरा! हिंदू पक्ष ने किया शिवलिंग मिलने का दावा, SC में कल होगी सुनवाई
आखिरी दिन का सर्वे पूरा होने के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी मस्जिद में मौजूद तालाब रूपी कुएं में शिवलिंग मिला है
MoneyControl News
अपडेटेड May 16, 2022 पर 1:27 PM
इस मामले पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है
Gyanvapi Masjid Survey: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में सोमवार को तीसरे दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य संपन्न हो गया। वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि दो घंटे 15 मिनट से अधिक समय तक सर्वे करने के बाद अदालत द्वारा गठित आयोग (कोर्ट कमीशन) ने सुबह करीब 10.15 बजे अपना काम समाप्त कर दिया। सर्वे कार्य से सभी पक्ष संतुष्ट थे।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट कोर्ट में कल 17 मई को पेश होगी... आज बहुत संक्षिप्त कार्यवाही होनी थी, वो पूरी हो गई है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि रविवार तक दो दिनों के दौरान करीब आठ घंटे में 80 फीसदी परिसर का सर्वेक्षण कर लिया गया था। मस्जिद समिति की आपत्तियों के बीच पिछले सप्ताह सर्वेक्षण को रोक दिया गया था।
हिंदू पक्ष ने किया शिवलिंग मिलने का दावा
आखिरी दिन का सर्वे पूरा होने के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी मस्जिद में मौजूद तालाब रूपी कुएं में शिवलिंग मिला है। कोर्ट में हिंदू महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने दावा किया है कि मस्जिद परिसर के अंदर तालाब में एक शिवलिंग मिला है। श्रृंगार गौरी प्रकरण में याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य (Sohan Lal Arya) ने कहा कि अंदर बाबा मिल गए हैं। इससे बड़ा समाचार कुछ नहीं हो सकता।
#WATCH "Shivling....Jiski Nandi pratiksha kar rahi thi... The moment things became clear the chants of 'Har Har Mahavdev' resonated in mosque premises," claims Sohan Lal Arya, petitioner in Gyanvapi mosque case, who accompanied the Court commission on mosque survey in Varanasi pic.twitter.com/iWwubz4wPa
सोहनलाल ने कहा कि मस्जिद में बाबा मिल गए। वही बाबा जिनकी नंदी प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिला वहां हर हर महादेव के नारे लगने लगेऔर लोग खुशी से नाचने लगे। सोहनलाल ने यह भी कहा कि अब पश्चिमी दीवार के पास जो मलबा है, उसकी जांच की मांग उठाई जाएगी।
शिवलिंग वाले स्थान को सील करने का आदेश
इस बीच, बनारस कोर्ट ने जहां शिवलिंग मिला है उस स्थान को सील करने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वाराणसी कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि जिस स्थान पर शिवलिंग प्राप्त हुआ है, उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दें।
साथ ही सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाए। कोर्ट ने कहा है कि वर्जित स्थान को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने की पूर्ण व्यक्तिगत जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी, पुलिस कमिश्नर, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी तथा CRPF कमांडेंट वाराणसी की होगी।
सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई
इस मामले पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले की सुनवाई कल यानी 17 मई को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कल दोपहर करीब 1 बजे जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हा की बेंच इसपर सुनवाई कर सकती है। मस्जिद की कमेटी ने सर्वे और कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले रविवार को भी ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ज्ञानवापी मस्जिद प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब स्थित है। स्थानीय अदालत महिलाओं के एक समूह द्वारा इसकी बाहरी दीवारों पर मूर्तियों के सामने दैनिक प्रार्थना की अनुमति की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।
वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य कराने के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर (कोर्ट कमिश्नर) अजय मिश्रा को पक्षपात के आरोप में हटाने की मांग संबंधी याचिका गुरुवार को खारिज कर दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर भी वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
दीवानी अदालत के जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने एडवोकेट कमिश्नर मिश्रा को हटाने संबंधी याचिका को नामंजूर करते हुए विशाल सिंह को विशेष एडवोकेट कमिश्नर और अजय प्रताप सिंह को सहायक एडवोकेट कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया था। उन्होंने संपूर्ण परिसर की वीडियोग्राफी करके 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे।
जिला अदालत ने कहा था कि यदि सर्वेक्षण की खातिर परिसर के कुछ हिस्सों तक पहुंचने के लिए चाबियां उपलब्ध नहीं हैं तो ताले तोड़े जा सकते हैं। अदालत ने अधिकारियों को सर्वे कार्य में अवरोध उत्पन्न करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया था।