IC-814 Hijacking: इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के दो दशक से अधिक समय बाद आखिरकार पीड़ित रूपिन कात्याल के परिवार को न्याय मिल गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाइजैकर मिस्त्री जहूर इब्राहिम उर्फ जमाली (Mistry Zahoor Ibrahim aka Jamali) को अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा पाकिस्तान के कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
जहूर IC-814 विमान को अपहरण करने वाले पांच आतंकियों की टीम में शामिल था। जहूर साल 1999 में विमान अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद अंडरग्राउंड हो गया था। पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के पांच अपहरणकर्ताओं में से अब केवल दो ही जीवित हैं। आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान में केवल आतंकी इब्राहिम अजहर और शाहिद अख्तर सईद जीवित है।
रूपिन कात्याल की कर दी थी बेरहमी से हत्या
25 दिसंबर, 1999 को मिस्त्री जहूर ने 25 वर्षीय रूपिन कात्याल (Rupin Katyal) की बेरहमी से हत्या कर दी थी और उनके शरीर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपहृत विमान से बरामद किया गया था। उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन वह अपनी पत्नी के साथ काठमांडू में हनीमून के बाद दिल्ली लौट रहे थे।
कराची में मारा गया मिस्त्री
न्यूज 9 ने पाकिस्तानी खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मिस्त्री जहूर एक मार्च को कराची शहर में मारा गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वह पिछले कई साल से जाहिद अखुंद की नई पहचान से कराची में रह रहा था। जहूर मिस्त्री कराची में अख्तर कॉलोनी में क्रिसेंट फर्नीचर नाम से एक शो रूम भी चला रहा था।
न्यूज 9 ने यह भी दावा किया है कि मिस्त्री जहूर के अंतिम संस्कार में ऊफ असगर सहित जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ था, जिसका मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में है। रऊफ असगर जैश का ऑपरेशनल चीफ और उसके सरगना मसूद अजहर का भाई है।
IC-814 विमान के अपहरण में शामिल था आतंकी
इब्राहिम इंडियन एयरलाइंस के IC-814 विमान के अपहरण में शामिल था, जिसे 24 दिसंबर, 1999 को नेपाल से पांच पाकिस्तानी अपहर्ताओं द्वारा अपहृत किया गया था। इंडियन एयरलाइंस के IC-814 विमान को 24 दिसंबर 1999 को नेपाल से अपहरण कर लिया गया था। अपहर्ताओं ने पायलट को विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाने के लिए मजबूर किया था। जैश के आतंकियों ने तीन आतंकियों की रिहाई के बदले 178 यात्रियों की जान का सौदा किया था।
भारत ने कई आतंकियों को किया था रिहा
भारतीय विमान को अफगानिस्तान के कंधार में उतारने से पहले अमृतसर, लाहौर और दुबई लेकर जाया गया था। तब अफगानिस्तान पर तालिबान का नियंत्रण था। उन्होंने पाकिस्तानी आतंकियों की पूरी मदद की और सुरक्षा प्रदान किया। करीब एक सप्ताह तक जारी रहे इस बंधक संकट को खत्म करने के लिए भारत को मसूद अजहर, अहमद ओमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर जैसे खूंखार आतंकियों को रिहा करना पड़ा था।