Indore Unique Wedding: डॉक्टर ने की बेटी की शादी, ऐसा गिफ्ट मांगा कि लोगों के होश उड़ गए

Unique Wedding: इंदौर की एक शादी में मेहमानों से महंगे उपहार के बजाय पुराने कपड़े और सामान लाने को कहा गया, जिसे एक एनजीओ को दिया गया। यह सामान जरूरतमंदों में बांटा गया। शादी को कचरा मुक्त (जीरो वेस्ट) भी बनाया गया, और मेहमानों ने परोपकार को तामझाम से ज्यादा महत्व दिया

अपडेटेड Jan 12, 2025 पर 3:52 PM
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इंदौर की इस शादी ने सभी का ध्यान बटोरा.

Unique Wedding: इंदौर में हाल ही में हुई एक शादी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि यह शादी आम शादियों से बहुत अलग थी। आमतौर पर शादियों में मेहमानों को उपहार देने के लिए कहा जाता है, लेकिन इस शादी में दूल्हा-दुल्हन ने मेहमानों से साफ कहा कि उन्हें किसी तरह का महंगा उपहार नहीं लाना है। उन्होंने लोगों से ऐसा गिफ्ट मांगा, जिसे सुनते ही लोग हैरान रह गए। बाद में लोगों ने जमकर तारीफ की। डॉक्टर साहब ने मेहमानों से गिफ्ट में पुराने कपड़े लाने को कहा था। उन्होंने मेहमानों से कहा कि जो कपड़े आप इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्हें लेकर आएं।

यह आइडिया न केवल इंदौर के लोगों के लोगों के लिए बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। शादी में मेहमान हाथों में बड़े-बड़े बैग लेकर आए। जिनमें पुराने कपड़े और अन्य सामान थे। यह सामान एक एनजीओ को दिया गया, जो इसे जरूरतमंदों तक पहुंचाएगा। ये शादी एक नई सोच और समाज सेवा का उदाहरण बन गई, जो परंपरा और दान के बीच एक अच्छा संतुलन बनाती है।

इंदौर में अनोखी शादी


इंदौर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भरत रावत की बेटी काव्या की शादी थी, ये एक ऐसी शादी थी जो बाकी शादियों से बहुत अलग थी। जहां मेहमान बड़े-बड़े बैग्स के साथ पहुंचे। इन बैग्स में पुराने कपड़े, घर के सामान, और कुछ इलेक्ट्रॉनिक आइटम थे। शादी में दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने से पहले, मेहमान ये सामान काउंटर पर जमा कर रहे थे।

शादी के गिफ्ट से जरूरतमंदों का होगा भला

शादी के आयोजकों ने पहले ही मेहमानों को जानकारी दी थी कि उन्हें दूल्हा-दुल्हन को कोई उपहार नहीं देना है। बल्कि, पुराने कपड़े और सामान लाकर एक एनजीओ को दे दें। यह सामान जरूरतमंद बस्तियों में बांटा जाएगा। एनजीओ बीवाइज ने इस सामान को इकट्ठा किया और यह तय किया कि सबसे पहले यह रिसर्च किया जाएगा कि किस बस्ती में किस सामान की जरूरत है। इसके अलावा, जिन लोगों ने नेग के रूप में पैसे दिए, वह राशि भी बस्तियों में लड़कियों की शादी में खर्च की जाएगी।

परोपकार को दी प्राथमिकता 

इस शादी में आए मेहमानों ने कहा कि उन्हें तामझाम से ज्यादा परोपकार को अहमियत दी गई। डॉ. संजय दीक्षित ने इस अनोखी शादी के बारे में कहा कि डॉ. रावत का यह विचार बहुत सराहनीय है, जिसमें सबको बराबरी का दर्जा दिया गया। उन्होंने इसे समाज के लिए एक नई दिशा बताया।

कचरा मुक्त शादी 

इस शादी की एक और खास बात थी कि इसे पूरी तरह से कचरा मुक्त (जीरो वेस्ट) बनाया गया था। इस आयोजन को स्वाहा स्टार्ट-अप और नगर निगम की मदद से कचरा मुक्त किया गया। मेहमानों से यह अपील की गई थी कि वे कोई भी सामान लाकर कचरा न बढ़ाएं। इस पहल के लिए आयोजकों को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया।

यह शादी समाज और पर्यावरण के लिए एक बेहतरीन उदाहरण साबित हुई, जो दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

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