Jhansi Hospital Fire: उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज के निओ नैटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) में 15 नवम्बर की रात को भीषण अग्निकाण्ड हो गया था। जिसमें उस वक्त जहां 10 बच्चों की मौत हो गई थी। इस पूरे अग्निकाण्ड में अब तक 12 मासूमों ने अपनी जान गवाई है। वहीं मेडिकल कॉलेज में लोकल 18 को गरौठा के रहने वाले कृपाराम मिले जिनका बच्चा भी उस अग्निकांड में गायब हो गया था जो अभी तक नहीं मिला है। इतना ही नहीं जन्म देने के बाद बच्चे की मां शांति देवी भी 14 नवंबर को गायब हो गई थी, जो अभी तक नहीं मिली है। अब बच्चे और पत्नी की तलाश में कृपाराम दर-दर भटक रहे हैं लेकिन बच्चे और पत्नी का कही कोई ठिकाना नहीं है।
36 की उम्र में हुई थी शादी
कृपाराम ने बताया कि, मेरी शादी 36 साल की उम्र में हुई थी। बहुत ही मुश्किल से पहला बच्चा हुआ था, लेकिन वह भी लापता है। कृपाराम ने बताया कि वह कई जगहों पर पत्नी और बच्चे की तलाश कर चुका है लेकिन उनके बारे में कुछ पता ही नहीं चल पा रहा है। कृपाराम का अपने बच्चे को लेकर बड़े अरमान थे लेकिन अब उसपर ग्रहण लग गया है। वहीं कृपाराम की बहन का कहना है कि भाई की शादी बहुत ही मुश्किल से हुई थी। उनके परिवार को बच्चे को लेकर बड़े अरमान थे लेकिन सब खत्म हो गया। वहीं कृपाराम का कहना है कि नर्स ने उसके बच्चे की हालात खराब है बोल कर 'नीकू' वार्ड में बच्चों को भर्ती किया था। जब आग लगी तो वह वहीं था। उसने कई सारे अधिकारियों से बच्चे के बारे में पूछताछ की है लेकिन बच्चे का सही से कुछ पता नहीं चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज अग्निकाण्ड में अबतक 12 बच्चों की हो चुकी है मौत
झांसी मेडिकल कॉलेज के निओ नैटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) में 15 नवम्बर की रात को भीषण अग्निकाण्ड की वजह से जहां 10 बच्चों की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी वहीं अस्पताल प्रबंधन 2 बच्चों की मौत का कारण कुछ और बता रहे हैं। इस मामले को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए 16 अन्य बच्चे जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात करीब पौने 11 बजे आग लग गई, जो संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।