Lata Mangeshkar Death Anniversary: लता मंगेशकर या लता दीदी, किसी की गुरू तो किसी के लिए बड़ी बहन। लता मंगेशकर को पूरी दुनिया भारत की स्वर कोकिला के रूप में जानता है। कभी रुलाने तो कभी दिल छू देने वाले उनके गाने आज भी लोगों को बेहद पसंद है। ‘लग जा गले’ या ‘लुक्का छिपी’ उनकी आवाज ने हर जेनरेशन को उनका फेवरेट गीत दिया। 6 फरवरी, 2024 को उनकी दूसरी पुण्य तिथि है। लेकिन उनके जाने बाद भी ‘ उनकी आवाज पहचान बनकर’ गूंज रही है।
लता मंगेशकर को उनकी सादगी की वजह से किया जाता था पसंद
प्यार से सभी उन्हें लता दीदी बुलाते थे। विनम्र स्वभाव और सादगी के रंगों से लिपटी हुई लता को संगीत की शिक्षा उनके पिता से मिली थी। छोटी से उम्र से स्टेज परफॉर्मेंस देने वाली लता दीदी अपनी पहली परफॉर्मेंस के दौरान मंच पर ही सो गई थीं। आज भी जब उनके करीबी इस किस्से को याद करते हैं तो हंस देते हैं। लता मंगेशकर ने अपनी करियर की शुरुआत में अपने पहले ट्रैक के लिए सिर्फ 25 रुपये चार्ज किए थे।
गाड़ियों का था लता दीदी को शौक
जल्द ही लता मंगेशकर पॉपुलर हो गईं। धीरे-धीरे करके उनकी कुल संपत्ति 368 करोड़ रुपये तक हो गई। लता मंगेशकर के पास कारों का भी अच्छा कलेक्शन है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में एक Chevrolet खरीदी थी। प्रभु कुंज में उनके गराज में एक Buick, Chrysler और एक Mercedes भी थी। आखिरी कार उन्हें यशराज स्टूडियोज की ओर से एक गिफ्ट के रूप में दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी प्रति माह आय 40 लाख रुपये थी। ये सारा पैसा लता मंगेशकर को उनके गानों से मिलने वाली रॉयल्टी से आता था।
कमाल अमरोही के लिखे गाने ने लता मंगेशकर को रातों रात पॉपुलर कर दिया था। गाने के बोल थे 'आएगा आने वाला।’ यह गाना कमाल अमरोही की निर्देशित फिल्म महल का है। इस ट्रैक को खेमचंद प्रकाश ने कंपोज किया था।
ईश्वर से जुड़े गाने को लेकर मिली प्रसिद्धि
लता मंगेशकर के कुछ सबसे प्रसिद्ध ट्रैक में फिल्म 'वो कौन थी' का 'लग जा गले' रहा। इस फिल्म का निर्देशन राज खोसला ने किया था। इस गाने को मदन मोहन ने संगीत दिया था और गाने के बोल राजा मेहंदी अली खान ने लिखे। लता मंगेशकर द्वारा गाया गया एक और ट्रैक जो बहुत हिट हुआ वह था 'अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम।'
कोरोना में स्वास्थ्य हुआ खराब
लता मंगेशकर ने लगभग आठ दशक के अपने सफल करियर में लगभग 30,000 गाने गाए और 92 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उन्हें कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद लगभग एक महीने तक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 2022 में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की वजह से उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए विदा कह दिया। 6 फरवरी, 2022 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया।