Love Marriage: भारत के इस गांव में लव मैरिज है जरूरी, दादा-दादी को भी हुआ लवेरिया, तीन पीढ़ी से जारी है परंपरा

Love Marriage: भारतीय परंपरा में लोग लव मैरिज के खिलाफ रहते हैं। इसे सही नहीं माना जाता है। लेकिन भारत में एक ऐसा गांव है, जहां की परंपरा ही लव मैरिज है। यह परंपरा पिछले 3 पीढ़ियों से चल रही है। यहां के ज्यादातर दादा-दादी भी लव मैरिज किए हुए मिलेंगे। गांव के लोग अपने गांव में ही शादी करना पसंद करते हैं

अपडेटेड Feb 18, 2025 पर 4:05 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Love Marriage: गुजरात के सूरत के पास भाटपोर गांव है। यहां आमतौर पर लव मैरिज ही होती है।

शादी दो लोगों के जीवन का बंधन होता है। शादी के बाद एक लड़का और लड़की किसी रिश्ते में आते हैं और परिवार बनाते हैं। उनके साथ दोनों के परिवार भी बंध जाते हैं। ऐसे में हर किसी को एक आदर्श साथी की तलाश रहती है और सोच समझकर विवाह का फैसला लिया जाता है। पुराने जमाने में परिवार वाले अपने बेटे या बेटी के लिए एक आदर्श जीवन साथी का चयन करते थे। लव मैरिज को लोग सही नहीं मानते थे। लेकिन अब लव मैरिज भी होने लगी है। इस बीच भारत का एक ऐसा गांव हैं। जिसकी पहचान सिर्फ लव मैरिज से है। इस गांव की परंपरा ही लव मैरिज है।

दरअसल, गुजरात के सूरत के भाटपोर नाम का गांव है। इस गांव में तीन पीढ़ी से लव मैरिज की परंपरा चल रही है। यहां के दादा-दादी भी लव मैरिज किए हे मिलेंगे। गांव की परंपरा ही लव मैरिज बन चुकी है। इस गांव के लोग किसी दूसरी जगह विवाह करना पसंद नहीं करते हैं। गांव की 99 फीसदी आबादी ने अपने गांव में ही शादी की है।

गांव के बुजुर्ग लव मैरिज को करते हैं सपोर्ट


इस गांव की 90 फीसदी से ज्यादा लोग लव मैरिज करते हैं। मतलब, इस गांव में जो लड़का-लड़की एक-दूसरे से प्यार करते हैं। वे बिना किसी डर के अपने परिवार की सहमति से शादी करते हैं। दिलचस्प बात ये है कि यहां के बुजुर्ग भी लव मैरिज की परंपरा को पूरी तरह से सपोर्ट करते हैं। यह गांव अन्य गांवों के मुकाबले बिल्कुल अलग है। यहां लव मैरिज एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक परंपरा बन चुकी है। पिछले तीन दशकों से, लोग यहां शादी के लिए गांव के बाहर नहीं जाते हैं। हर पीढ़ी ने यही तरीका अपनाया और यह परंपरा लगातार चली आ रही हैं। बहुत कम लोग हैं, जो गांव के बाहर शादी करते हैं। कुल मिलाकर यहां दादा-दी भी लवेरिया के शिकार रह चुके हैं।

बुजुर्गों को लव मैरिज पर गर्व है

भाटपोर गांव के सरपंच देवीदास पटेल ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि उनका गांव 1968 से एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत है। यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस गांव के लोग 99 फीसदी शादियां गांव के भीतर ही करते हैं। हमारे गांव की यह परंपरा 2-3 पीढ़ियों से चल रही है। हम इस परंपरा को निभाते हुए यहां के लड़के-लड़कियों की शादी इसी गांव में करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ 1-2 फीसदी लोग ही गांव से बाहर शादी करते हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि भाटपोर में लव मैरेज की परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है और उन्हें इस पर गर्व है।

प्यार से शुरू हुआ रिश्ता मौत पर खत्म, लखनऊ में पति ने पत्नी की जान ले ली, जानें पूरा मामला

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।