पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया! महाराष्ट्र के इस गांव में सिर्फ एक छात्र के लिए चलता है स्कूल, एक ही शिक्षक कराते हैं पढ़ाई

स्कूल में कक्षा 1 से 4 तक की क्‍लासेज हैं। लेकिन स्कूल में सिर्फ एक ही छात्र है। इस सिंगल छात्र को पढ़ाने के लिए स्कूल में एक ही शिक्षक है, जो रोजाना इमानदारी से उसे पढ़ाने आते हैं। शिक्षक किशोर मानकर ने एएनआई को बताया कि पिछले 2 वर्षों से स्कूल में केवल एक छात्र का एडमिशन हुआ है

अपडेटेड Jan 23, 2023 पर 1:30 PM
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इस स्कूल में केवल एक छात्र को शिक्षा दी जाती है

क्या आपने कभी ऐसी सरकारी स्कूल देखा है, जिसमें सिर्फ एक छात्र हो और केवल एक शिक्षक उसको पढ़ाते हों? जी हां, चौंकिए मत। महाराष्ट्र के वाशिम जिले (Washim district of Maharashtra) में स्थित गणेशपुर गांव (Ganeshpur village) में जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय (Zilla Parishad primary school) केवल एक छात्र के लिए चलता है। इस स्कूल में सिर्फ एक छात्र ही पढ़ने आता है। इस गांव की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग शिक्षक को सलाम कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, स्कूल में कक्षा 1 से 4 तक की क्‍लासेज हैं। लेकिन स्कूल में सिर्फ एक ही छात्र है। इस सिंगल छात्र को पढ़ाने के लिए स्कूल में एक ही शिक्षक है, जो रोजाना इमानदारी से उसे पढ़ाने आते हैं। स्कूल के शिक्षक किशोर मानकर ने एएनआई को बताया कि पिछले 2 वर्षों से स्कूल में केवल एक छात्र का एडमिशन हुआ है। जबकि मैं स्कूल में अकेला शिक्षक हूं।

उन्होंने कहा कि गांव की आबादी केवल 150 है। खास बात है कि ये स्‍कूल पूरे गांव का एकलौता स्‍कूल है और यहां शिक्षक और छात्र भी एक-एक ही हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल को केवल कक्षा 1-4 तक की क्लासेस चलाने की अनुमति है। पूरे गांव में उस विशेष आयु वर्ग में केवल एक ही लड़का है।


मानकर ने एएनआई से आगे कहा, "मैं उसे अकेले सभी विषय पढ़ाता हूं।" स्कूल में सिर्फ शिक्षा ही नहीं, छात्र को मिड डे मील भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा, "छात्र को मिड डे मील सहित सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।" कार्तिक शेगोकार नामक छात्र रोज समय से स्कूल आता है। कार्तिक तीसरी कक्षा में पढ़ता है, हर दिन उसके शिक्षक उसे पढ़ाने के लिए 12 किमी की दूरी से आते हैं।

स्कूल आने के बाद ये दोनों लोग राष्ट्रगान गाते हैं और फिर कार्तिक को उसके शिक्षक पढ़ाना शुरू करते हैं। शिक्षक किशोर मानकर ने कहा कि कार्तिक अकेला होते हुए भी वह उसे पढ़ाते हैं और उन्हें इस बात से बोरियत भी महसूस नहीं होती।

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