पीएम मोदी ने परमवीर चक्र से सम्‍मानित शूरवीरों के नाम पर रखे अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों के नाम, देखें पूरी लिस्ट

Islands of Andaman and Nicobar: इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जिन 21 द्वीपों को आज नया नाम मिला है, उनके इस नामकरण में भी गंभीर संदेश छिपे हैं। ये संदेश है -एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश, देश के लिए दिए गए बलिदान की अमरता का संदेश, और भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का संदेश है

अपडेटेड Jan 23, 2023 पर 12:31 PM
Andaman and Nicobar: पीएम मोदी ने सोमवार को अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों का नामकरण किया, जिनके नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों (21 unnamed islands of Andaman and Nicobar) का नामकरण कर दिया है। पीएम मोदी ने सोमवार को अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों का नामकरण किया, जिनके नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं। अब इन अनाम द्वीपों को परमवीर चक्र विजेताओं के नाम से जाना जाएगा। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

नेता जी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) के 126वीं जयंती समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पोर्ट ब्लेयर पहुंचे। इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को ट्वीट कर बताया था कि पराक्रम दिवस के अवसर पर भारत भाता के वीर सपूतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम होगा।

पीएम ने इसी के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आपको बता दें कि सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाने के लिए साल 2021 में 23 जनवरी को पराक्रम दिवस घोषित किया था। पीएम मोदी ने नेताजी द्वीप पर बनने वाले सुभाष चंद्र बोस को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का भी अनावरण किया।


अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए और नेताजी की स्मृति का सम्मान करने के लिए रॉस द्वीप समूह का नाम बदलकर 2018 में द्वीप की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के रूप में रखा गया था। नील द्वीप और हैवलॉक द्वीप भी थे नाम बदलकर शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जिन 21  द्वीपों  को आज नया नाम मिला है, उनके इस नामकरण में भी गंभीर संदेश छिपे हैं। ये संदेश है -एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश, देश के लिए दिए गए बलिदान की अमरता का संदेश, और भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का संदेश है।

उन्होंने कहा कि दशकों से नेताजी के जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजानिक करने की मांग हो रही थी, यह काम भी देश ने पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया। आज हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने 'कर्तव्य पथ' पर नेताजी की भव्य प्रतिमा हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिला रही है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि करगिल युद्ध में ये दिल मांगे मोर का विजयघोष करने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा के नाम पर अंडमान में एक पहाड़ी भी समर्पित की जा रही है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि हर मौके और हर मोर्चे पर हमारी सेनाओं ने अपने शौर्य को सिद्ध किया है। ये देश का कर्तव्य था कि राष्ट्र रक्षा के अभियानों में स्वयं समर्पित करने वाले जवानों को व्यापक स्तर पर पहचान दी जाए। आज जवानों और सेना के नाम से देश को पहचान दी जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पूर्वोत्तर के राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीप जैसे हिस्सों को हमेशा ये सोच रही कि ये तो दूरदराज के दुर्गम और अप्रासंगिक क्षेत्र हैं ऐसी सोच के कारण ऐसे क्षेत्रों की दशकों तक उपेक्षा हुई और उनके विकास को नजरअंदाज किया गया। अंडमान-निकोबार द्वीप भी इसका साक्षी है। उन्होंने कहा कि देश में पहले की सरकारों ने और खास कर विकृत वैचारिक राजनीति के कारण दशकों से जो हीनभावना और आत्मविश्वास की कमी रही उसके कारण देश के सामर्थ्य को हमेशा कम आंका गया।

इन परमवीर चक्र विजेताओं को किया गया याद

इन द्वीपों का नाम जिन 21 परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखा गया है, उनका नाम हैं; सोमनाथ शर्मा, करम सिंह, लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, हवलदार मेजर पीरू सिंह, कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, सीक्यूएमएच अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर होशियार सिंह, सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग अधिकारी निर्मलजीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, नायब सूबेदार बाना सिंह,विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर संजय कुमार और सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव।

बता दें कि 23 जनवरी, 1897 को जन्मे नेताजी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की। जबकि 18 अगस्त, 1945 को एक विमान दुर्घटना में बोस की मौत पर विवाद है। पिछले साल, नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में इंडिया गेट पर स्वतंत्रता सेनानी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था।

 

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