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OpenAI का दावा, ChatGPT के मामले में इंडियन कोर्ट के आदेश पर अमेरिकी कानून का हो जाएगा उल्लंघन

दिल्ली की एक अदालत में ऐसा मामला चल रहा है जिसमें एक पक्ष का दावा है कि अगर फैसला आता है तो यह अमेरिकी कानून के खिलाफ होगा। यह मामला है न्यूज एजेंसी एएनआई और माइक्रोसॉफ्ट की एआई कंपनी ओपनएआई के बीच का। ओपनएआई के चैटजीपीटी को लेकर एक मुकदमा चल रहा है और एएनआई के पक्ष में फैसला आने पर अमेरिकी कानून का उल्लंघन होने का ओपनएआई का दावा है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 23, 2025 पर 11:12 AM
OpenAI का दावा, ChatGPT के मामले में इंडियन कोर्ट के आदेश पर अमेरिकी कानून का हो जाएगा उल्लंघन
चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) का कहना है कि इसकी चैटजीपीटी सर्विस के लिए अहम ट्रेनिंग डेटा को हटाने का आदेश अमेरिका में इसकी कानूनी जिम्मेदारियों के खिलाफ होगा।

चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) का कहना है कि इसकी चैटजीपीटी सर्विस के लिए अहम ट्रेनिंग डेटा को हटाने का आदेश अमेरिका में इसकी कानूनी जिम्मेदारियों के खिलाफ होगा। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ओपनएआई ने भारतीय अदालत में ये बातें कही हैं। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के निवेश वाली एआई (AI) कंपनी ओपनएआई का कहना है कि एएनआई की तरफ से दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मामले की सुनवाई भारतीय अदालतों अधिकार क्षेत्र में यह नहीं आता कि क्योंकि ओपनएआई की देश में कोई उपस्थिति नहीं है। भारत में एआई के इस्तेमाल पर यह सबसे हाई-प्रोफाइल मुकदमा है।

ANI ने OpenAI पर क्यों किया है मुकदमा?

न्यूज एजेंसी एएनआई ने पिछले साल नवंबर 2024 में दिल्ली में ओपनएआई पर मुकदमा दायर किया। इसमें एएनआई ने आरोप लगाया है कि उसकी प्रकाशित सामग्री को अनुमति के बिना एएनआई ने चैटजीपीटी को प्रशिक्षित करने के लिए इस्तेमाल किया। नवंबर की सुनवाई के दौरान ओपनएआई ने दिल्ली की अदालत से कहा कि वह एएनआई की सामग्री का अब इस्तेमाल नहीं करेगी, लेकिन एएनआई का कहना है कि इसकी प्रकाशित सामग्री चैटजीपीटी की मेमोरी में स्टोर हो गई है जिसे हटाया जाना चाहिए।

एएनएआई की आपत्ति यह है कि बाकी न्यूज ऑर्गेनाइजेशन के साथ ओपनएआई के कॉमर्शियल पार्टरशिप के चलते कॉम्पटीशन असमान होने का डर है। न्यूज एजेंसी ने कोर्ट में कहा कि चैटजीपीटी एएनआई के कंटेंट को किसी सवाल के जवाब में हूबहू पेश भी कर रही है। इस पर ओपनएआई का कहना है कि चैटजीपीटी को गुमराह करने के लिए एएनआई अपने लेख का का एक हिस्सा प्रॉम्प्ट के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।

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