Monkeypox: मंकीपॉक्स के लक्षण वाले इंटरनेशनल यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल भेजा जाएगा

सूत्रों ने बताया कि तेज बुखार,कमर और पीठ में तथा जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण वाले इंटरनेशनल यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट से LNJP अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा

अपडेटेड Jul 26, 2022 पर 10:17 AM
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केरल के बाद दिल्ली में भी मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आ चुका है

Monkeypox Case in india: विदेशों से दिल्ली आने वाले ऐसे यात्री जिनमें मंकीपॉक्स संक्रमण के लक्षण हैं उन्हें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे लोकनायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल भेजा जाएगा। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।

दिल्ली सरकार ने सोमवार को जिला अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रबंधन पर केंद्र के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा। दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट या बंदरगाह से रेफर करने की व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

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सूत्रों ने बताया कि तेज बुखार,कमर और पीठ में तथा जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट से LNJP अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा। एलजी वीके सक्सेना ने लोगों से सभी निर्धारित रोकथाम और प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।

देश में अब तक 4 मामले दर्ज

आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में एक 34 वर्षीय व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया है। हालांकि, उसने कोई विदेश यात्रा नहीं की थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संक्रमित पाए गए व्यक्ति ने हाल में हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक पार्टी में हिस्सा लिया था।

वह फिलहाल एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उसे पूरी तरह से ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। एलएनजेपी अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि व्यक्ति को तब तक आइसोलेशन में रखा जाएगा जब तक कि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता।

इससे पहले केरल में मंकीपॉक्स के 3 मामले सामने आ चुके हैं। 14 जुलाई को दक्षिण केरल के कोल्लम जिले से मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया था। इसके साथ ही भारत में मंकीपॉक्स मामलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

दुनियाभर में अभी तक 5 लोगों की हो चुकी है मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को चिंताजनक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। वैश्विक स्तर पर 75 देशों में मंकीपॉक्स के 16,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और इसके कारण अभी तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में भारत के अलावा थाईलैंड में एक मामला सामने आया है।

WHO के अनुसार, मंकीपॉक्स एक पशु जनित वायरल है, जो पशुओं से मनुष्यों में फैलता है। इसमें चेचक के समान लक्षण दिखाई देते हैं। यह मेडिकल रूप से कम गंभीर है। मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, दाने आदि के साथ प्रकट होता है और कई प्रकार की मेडिकल जटिलताओं को जन्म दे सकता है। इसके लक्षण आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कम संक्रामक है और इससे मौत की आशंका बेहद कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मंकीपॉक्स को कड़ी निगरानी के जरिए प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।

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