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नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने तिरुपति बालाजी में किया दान, सोने का शंख और एक सोने के कछुए की मूर्ति का दिया उपहार

नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने सोमवार को तिरुपति में भगवान बालाजी को एक सोने का शंख और एक सोने के कछुए की मूर्ति उपहार के रूप में भेंट की। इन बहुमूल्य वस्तुओं का उपयोग आंध्र प्रदेश स्थित मंदिर में मूर्तियों की सफाई के लिए किया जाएगा। बता दें कि नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति अपने परोपकारों के लिए जाने जाते हैं। साल 2021 में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने कोविड राहत पहल के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक देने का वादा किया था

Curated By: Abhishek Nandanअपडेटेड Jul 18, 2023 पर 3:31 PM
नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने तिरुपति बालाजी में किया दान, सोने का शंख और एक सोने के कछुए की मूर्ति का दिया उपहार
नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने सोमवार को तिरुपति में भगवान बालाजी को एक सोने का शंख और एक सोने के कछुए की मूर्ति उपहार के रूप में भेंट की

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक इंफोसिस (Infosys) के फाउंडर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने सोमवार को तिरुपति में भगवान बालाजी को एक सोने का शंख और एक सोने के कछुए की मूर्ति उपहार के रूप में भेंट की। इन बहुमूल्य वस्तुओं का उपयोग आंध्र प्रदेश स्थित मंदिर में मूर्तियों की सफाई के लिए किया जाएगा। बता दें कि नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति अपने परोपकारों के लिए जाने जाते हैं। साल 2021 में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने कोविड राहत पहल के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक देने का वादा किया था।

क्या कहा सुधा मूर्ति ने

सुधा मूर्ति ने हाल ही में कहा था कि बिजनेस की वैल्यु के आगे पैसा उनके लिए उतना ज्यादा अहम नहीं है। बेंगलुरु में स्टार्टअप कॉन्क्लेव में मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू के दौरान सुधा मूर्ति ने कहा था कि मैंने कभी भी पैसा बचाने के बारे में नहीं सोचा। मेरे लिए पैसे की कोई खास अहमियत भी नहीं है। रोजगार के नए मौके बनाने से गरीबी रेखा से नीचे रहने वालें लोगों को ऊपर उठाया जा सकता है। बिजनेस इसे साकार करने में काफी अहम भूमिका निभाता है।

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केवल 10,000 रुपये में हुई थी Infosys की शुरुआत

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